सूरत। गुजरात की हीरानगरी सूरत की प्रतिष्ठि वाडिया विमेंस कॉलेज की एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने गत 11 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में खुलासा हुआ है कि वर्षा वांझा नाम की यह प्रोफेसर अपने खिलाफ गुजरात समाचार में प्रकाशित एक खबर से बहुत आहत एवं परेशान थी। प्रोफेसर के परिजनों ने गुजराती अखबार ‘गुजरात समाचार’ के खिलाफ पुलिस सहित प्रेस काउंसिल में आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत दर्ज करा दी है। संपादक एवं रिपोर्टर के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया गया है।
बताया जा रहा है कि मृतक वर्षा के पिता नटवरलाल वल्लभदास वांझा ने सूरत के पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को इस संदर्भ में लिखित निवेदन दिया है कि गत 2 मई को अखबार के सूरत संस्करण में वर्षा के खिलाफ झूठा समाचार प्रकाशित हुआ था। ‘वर्षा वांझा को मिली एम.फिल की डिग्री के मुद्दे पर बवाल’ शीर्षक से प्रकाशित इस खबर में वर्षा की डिग्रियों को लेकर काफी बातें प्रकाशित हुई थीं। इस खबर के प्रकाशन से पहले वर्षा का पक्ष भी नहीं लिया गया।
पिता का आरोप है कि वर्षा के दिमाग पर इस समाचार का गहरा असर हुआ और वह गुमसुम रहने लगी थी। रिपोर्टर ने इस खबर के प्रकाशन से पहले मेरी बेटी से बात करना भी जरूरी नहीं समझा और न ही उसकी डिग्रियां चेक कीं। रिपोर्टर ने कालेज के प्रबंधन से भी इस संदर्भ में कोई बात नहीं की। अखबार के रिपोर्टर ने पूरी जांच के बगैर ही समाचार प्रकाशित कर दिया। इस बात से आहत वर्षा ने आखिरकार आत्महत्या कर ली। वर्षा के पिता ने अखबार के पत्रकार सहित संपादक के खिलाफ मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या हेतु उकसाने के लिए धारा 306 के तहत मामला दर्ज करवाया है। पुलिस आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।






