Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

अखबार संचालक अखबार की आत्मा को न मरने दें

वाराणसी। संपादकाचार्य बाबूराव विष्णु पराड़कर अपने क्षेत्र के गांधी थे। वह समाचारों की शुचिता के पक्षधर थे। तब बाजारवाद का इतना विस्तार नहीं था। लेकिन आज बाजारवाद का इतना विस्तार इतना हो गया है कि उससे सामाजिक दायित्व नदारद है। उद्देश्य और बाजारवाद में सामंजस्य होना जरूरी है काशी पत्रकार संघ के तत्वावधान में पराड़कर जी की 128वीं जयन्ती के अवसर पर पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित ‘‘पराड़कर जी बनाम बाजारवाद“ विषयक संगोष्ठी में प्रबुद्ध वक्ताओं ने उपरोक्त विचार व्यक्त किये।

वाराणसी। संपादकाचार्य बाबूराव विष्णु पराड़कर अपने क्षेत्र के गांधी थे। वह समाचारों की शुचिता के पक्षधर थे। तब बाजारवाद का इतना विस्तार नहीं था। लेकिन आज बाजारवाद का इतना विस्तार इतना हो गया है कि उससे सामाजिक दायित्व नदारद है। उद्देश्य और बाजारवाद में सामंजस्य होना जरूरी है काशी पत्रकार संघ के तत्वावधान में पराड़कर जी की 128वीं जयन्ती के अवसर पर पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित ‘‘पराड़कर जी बनाम बाजारवाद“ विषयक संगोष्ठी में प्रबुद्ध वक्ताओं ने उपरोक्त विचार व्यक्त किये।

गोष्ठी के मुख्य अतिथि भूगर्भवेत्ता प्रो. गिरीशचन्द्र चौधरी ने कहा कि पराड़कर जी शाश्वत मूल्यों के प्रति समर्पित थे। हर विषय में उनका गहन अध्ययन था। आज पत्रों का संचालन व्यावसायिक घराने कर रहे हैं, लेकिन पहले पत्र की पहचान उनके संपादक होते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि अखबार संचालक व्यावसायिक दृष्टिकोण जरूर अपनाएँ परन्तु उसकी आत्मा को न मरने दे और न अखबार को अपने उद्देश्य से भटकने दें।

जाने माने अर्थशास्त्री गांधीवादी प्रो. रामचन्द्र सिंह ने कहा कि पत्रकार लोकशिक्षक की भूमिका में होता है। इसलिए उसका दायित्व अधिक है। उन्होंने कहा कि नारद जब मोहग्रस्त हुए तभी रावण के रूप में संकट पैदा हुआ। ऐसे में पत्रकारों को अत्यधिक मोहग्रस्त नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुक्त अथवा प्रतिबंधित बाजार दोनों के अपने अपने संकट हैं फिर भी पत्रकारिता का भविष्य उज्ज्वल है। वयोवृद्ध पत्रकार मुन्नू प्रसाद पाण्डेय ने पराड़कर जी को मरणोपरान्त ‘भारत रत्न’ सम्मान देने की मांग की।
आगतों का स्वागत संघ के अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त ने किया। संचालन व धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष डॉ. अत्रि  भारद्वाज ने किया। इस अवसर पर सर्वश्री लक्ष्मीनाथ संड, विश्वास चन्द्र श्रीवास्तव, जगत शर्मा, वंशीधर राजू, डॉ. दयानंद, लक्ष्मीकान्त द्विवेदी, शम्भूनाथ उपाध्याय, सलीम सुहरवर्दी, विनय कुल, अवधेश सिंह, कमल नयन मधुकर, चन्दन रूपानी आदि ने विचार व्यक्त किये।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...