लखनऊ : लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार का विस्तार किया गया। मंत्रिमंडल विस्तार में 12 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसमें ग्यारह नए चेहरों को जगह दी गई है। विस्तार में एक कैबिनेट मंत्री, एक स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री तथा दस राज्य मंत्री शामिल हैं। सीएमओ से विवाद के बाद हटाए गए विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया। विस्तार में जातीय संतुलन को भी ध्यान में रखा गया है।
मंत्रिपरिषद में शामिल नए चेहरों में वरिष्ठ सपा नेता राजेंद्र चौधरी को कैबिनेट स्तर का मंत्री बनाया गया है। विजय कुमार मिश्र को स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया है। राममूर्ति वर्मा, विनोद कुमार सिंह ऊर्फ पंडित सिंह, विजय बाहदुर पाल, आलोक कुमार शाक्य, रामसकल गूजर, मनोज कुमार पांडेय, गायत्री प्रसाद प्रजापति, नितिन अग्रवाल, तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय, योगेश प्रताप सिंह ऊर्फ योगेश भइया को राज्य स्तर का मंत्री बनाया गया है।
हालांकि, पहले मंत्रिमंडल से हटाए गए गोंडा के दबंग विधायक विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह की सरकार में वापसी पर सवाल भी उठने लगे हैं। विधायक पंडित सिंह पर आरोप है कि उन्होंने गोंडा के तत्कालीन सीएमओ एसपी सिंह को घर से जबरन उठवा लिया था और पिटाई भी करवाई थी। इसकी हरकत के चलते उन्हें राजस्व राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। गर्वनर हाउस में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल बीएल जोशी ने इन सभी एक दर्जन नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुलायम सिंह यादव, प्रो.रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच संतुलन साधने वाले राजेंद्र चौधरी को अखिलेश मंत्रिमंडल में कैबिनेट का स्थान मिला है। चौधरी चरण सिंह के अनुयायी राजेंद्र वैसे मुलायम के जमाने में राज्यमंत्री के रूप में रह चुके हैं और इस समय वह एमएलसी होने के साथ-साथ पार्टी के मुख्य प्रवक्ता भी हैं।