: इंटरनेट मीडिया युवाओं की पहली पसंद : जर्मन रेडियो की हिंदी सेवा डॉयचेवेले के महानिदेशक एरिक बेटरमैन को लगता है कि बमुश्किल अगले दो दशकों में प्रिंट मीडिया के दिन लद जाएंगे। दुनिया की आबादी का एक बेहद छोटा हिस्सा ही अखबार पढ़ेगा। इंटरनेट मीडिया तेजी से युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। बेटरमैन एशियन ब्रॉडकास्टर्स सम्मेलन को संबोधित करने के सिलसिले में दिल्ली में हैं।
उन्होंने इस दौरान डॉयचेवेले और दूरदर्शन के बीच व्यापक सहमति-पत्र पर भी हस्ताक्षर किए। जर्मनी का अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर डॉयचेवेले अगले सप्ताह से ही इंटरनेट पत्रिका शुरू कर रहा है। अगले साल के शुरू से भारत में अंग्रेजी में 24घंटे के वेब टीवी शुरू करने की भी उसकी योजना है। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में डॉयचेवेले अपने 4500 पार्टनर के साथ अपनी वैश्विक पहुंच को अंजाम देगा।
'नईदुनिया' के दफ्तर में एक मेहमान के तौर पर आए बेटरमैन ने मीडिया के भविष्य एवं उसमें आ रहे बदलावों से जुड़े सवालों के जबाव दिए। बेटरमैन ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में 'नईदुनिया' के सहयोगी पोर्टल 'वेबदुनिया' की खूबियों को समझने की भी कोशिश की। बेटरमैन ने बताया कि डॉयचेवेले दूरदर्शन के डीटीएच प्लेटफॉर्म के जरिए पहले से ही 24 घंटे का न्यूज एवं सूचना चैनल प्रसारित कर रहा है, लेकिन ताजा समझौते के बाद दोनों के बीच सहयोग का क्षेत्र व्यापक हो जाएगा। डीडी और डीडब्ल्यू के बीच सह-निर्माण, प्रशिक्षण, साझे कार्यक्रमों जैसे क्षेत्रों में सहयोगा होगा।
दूरदर्शन नेटवर्क पर डॉयचेवेले के चुनिंदा टीवी प्रोग्राम भी प्रसारित होंगे। दोनों के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, लाइफ स्टाइल, वैश्विक मुद्दों, व्यक्तित्व एवं घटनाओं के टीवी कार्यक्रमों को लेन-देन होगा। वे टेलीविजन के साझा कार्यक्रमों की संभावनाओं की पड़ताल कर उन्हें अंजाम देंगे। इस करार पर बेटनमैन के साथ दूरदर्शन के महानिदेशक त्रिपुरारीशरण ने हस्ताक्षर किए। बेटरमैन ने कहा कि डॉयचेवेले के वेब टीवी प्रोजेक्ट में हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं बड़ी भूमिका निभाने वाली हैं। भारत हमारे लिए बहुत महत्व का देश है। भारत के लिए इंटरनेट रेडियो एवं वेबसाइट के क्षेत्र में डॉयचेवेले ने दीर्घकालीन योजना बनाई है।
उन्होंने चीन में डॉयचेवेले को प्रसारण में आ रही कठिनाइयों की चर्चा करते हुए कहा कि डॉयचेवेले के लिए भारत उच्च प्राथमिकता वाला देश है। उन्होंने कहा कि डॉयचेवेले के कार्यक्रमों में तिब्बत से जुड़ी खबरों की प्रचुरता चीनियों को बहुत खलती है, इसलिए वहां हमारे लिए इंटरनेट पर बहुत बंदिशें हैं। उन्होंने बताया कि डॉयचेवेले भारत एवं दुनिया के अन्य देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए अपने वेबसाइट की सामग्रियों की गुणवत्ता बढ़ाएगा। साभार : नई दुनिया






