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अजीत झा अमर उजाला से जुड़े, विजय झा ने जागरण से इस्तीफा दिया, मुतरेजा हिंदुस्तान ज्वाइन करेंगे

नईदुनिया इंदौर से इस्तीफा दे चुके अजीत झा ने वापस दिल्ली की राह पकड़ ली है। उन्होंने अमर उजाला के साप्ताहिक प्रकाशन युवान में ज्वॉइन किया है। आपको बता दें कि अजीत झा ने कुछ महीनों पहले ही नईदुनिया इंदौर ज्वॉइन किया था। दरअसल नईदुनिया में प्रयोगों का दौर और लोगों के आने जाने का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रबंधन भी अजीबोगरीब फरमान जारी कर रहा है।

नईदुनिया इंदौर से इस्तीफा दे चुके अजीत झा ने वापस दिल्ली की राह पकड़ ली है। उन्होंने अमर उजाला के साप्ताहिक प्रकाशन युवान में ज्वॉइन किया है। आपको बता दें कि अजीत झा ने कुछ महीनों पहले ही नईदुनिया इंदौर ज्वॉइन किया था। दरअसल नईदुनिया में प्रयोगों का दौर और लोगों के आने जाने का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रबंधन भी अजीबोगरीब फरमान जारी कर रहा है।

कभी आठ घंटे आफिस में रहना जरूरी करता है तो कभी बार-बार सीट से उठना। यहां काम करने वालों को आफिस के अंदर चाय पीना अलाउ नहीं है। लेकिन अगर वो कैंटीन जाते हैं चाय पीने के लिए तो वह वक्त उनकी डयूटी में से कम करके आंका जाता है। प्रयोग और नए लोग लाने के नाम पर तमाम ऐसे लोग नईदुनिया की राह पकड़ रहे हैं जिन्हें अपने संस्थानों में नजरअंदाज किया जा चुका है। ऐसे लोग नईदुनिया आकर अपनी तनख्वाह बढा रहे हैं और कुछ ही महीनों में वापसी की राह पकड़ रहे है। ऐसी खबर है कि मध्यप्रदेश के बाहर से आए कई और लोग यहां से निकलने की तैयारी में लगे हैं।


उधर, दैनिक जागरण, नोएडा में फीचर डिपार्टमेंट में कार्यरत विजय कुमार झा ने फेसबुक के जरिए अपने परिचितों को बताया है कि वे दैनिक जागरण से इस्तीफा दे चुके हैं और नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं. विजय ने यह भी सूचित किया है कि वे अब सक्रिय पत्रकारिता से विदा ले रहे हैं.

चीफ सब एडिटर के पद पर जागरण में कार्यरत रहे विजय ने लिखा है- ''आज से मैं आजाद हूं। काफी खुश हूं और पहले की तरह सपने भी देखने लगा हूं। जानते हैं क्‍यों। क्‍योंकि आज से मैं जागरण में नोटिस पर चल रहा हूं। खुश इसलिए हूं कि मैं स्‍वेच्‍छा से नौकरी छोड रहा हूं। सपने इसलिए देखने लगा हूं कि अब मैं जर्नलिस्‍ट की नौकरी नहीं करूंगा। दस वर्ष की नौकरी के बाद अनुभव यही कहता है कि जर्नलिस्‍ट सपना देख नहीं सकता है, लेकिन सपना बेचता जरूर है। अब मैं बच्‍चों की तरह कुछ भी सपना तो देख सकता हूं। रात को आराम से सो सकता हूं और सभी पर्व त्‍योहार में घर भी जा सकता हूं। क्‍योंकि मैं जर्नलिस्‍ट नहीं हूं।''


सुनील मुतरेजा के बारे में सूचना है कि वे हिंदुस्तान ज्वाइन करने वाले हैं. सूत्रों के मुताबिक उनको हिंदुस्तान में यूपी और उत्तराखंड का मार्केटिंग हेड बनाया जा सकता है. मुतरेजा इसके पहले अमर उजाला में कार्यकारी निदेशक के पद पर तैनात थे. उन्हें अमर उजाला से निकाल दिया गया था. माना जा रहा है कि मुतरेजा के हिंदुस्तान ज्वाइन करने से शशि शेखर के साथ उनका शीत युद्ध शुरू हो सकता है.

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