Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

अनिरुद्ध बहल को जान का खतरा, केंद्र सरकार ने दी वाई श्रेणी की सुरक्षा

देश के जाने-माने पत्रकार अनिरुद्ध बहल को अब जान बचाना मुश्किल हो रहा है। उनके खुलासों ने देश के कई लोगों और संगठनों की नींद उड़ा दी है। अब यह लोग अनिरुद्ध को ही उड़ाने की सोच रहे हैं। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार में खलबली मच गयी है। अनिरुद्ध बहल को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने के आदेश हो गये हैं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी और चीफ सेक्रेट्री को इसकी सूचना दे दी गयी है।

देश के जाने-माने पत्रकार अनिरुद्ध बहल को अब जान बचाना मुश्किल हो रहा है। उनके खुलासों ने देश के कई लोगों और संगठनों की नींद उड़ा दी है। अब यह लोग अनिरुद्ध को ही उड़ाने की सोच रहे हैं। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार में खलबली मच गयी है। अनिरुद्ध बहल को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने के आदेश हो गये हैं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी और चीफ सेक्रेट्री को इसकी सूचना दे दी गयी है।

देश में संभवत: अनिरुद्ध बहल पहले पत्रकार होंगे जिन्हें इस तरह की सुरक्षा दी जा रही है। अनिरुद्ध बहल पर हमला करने की साजिश की खबर ने यूपी पुलिस को भी हलकान कर दिया है। तहलका के संपादक तरूण तेजपाल और अनिरुद्ध बहल की जोड़ी ने देश की पत्रकारिता में कई नये मुकाम हासिल किए हैं। एनडीए सरकार के समय तहलका और कोबरा पोस्ट आतंक का पर्याय हो गये थे। अनिरुद्ध बहल कोबरा पोस्ट के संपादक थे। इन लोगों की टीम ने दिखाया था कि वाजपेयी सरकार के रक्षा मंत्री जार्ज फर्नाडीज और उनके सहयोगी किस तरह हथियारों और कारगिल शहीदों के ताबूत में कमीशनखोरी कर रहे थे। इन्हीं लोगों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दिखाया था। जिसके बाद न सिर्फ उन्हें भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था बल्कि जेल भी जाना पड़ा था। गुजरात दंगों में भी कोबरा पोस्ट के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया था। पूरे देश में भाजपा की इन खुलासों के बाद भारी फजीहत हुई थी।

इस बीच तरूण तेजपाल एक युवती से आपत्तिजनक व्यवहार के चलते जेल में हैं। भाजपा नेताओं ने तरूण तेजपाल के जेल जाने से बेहद राहत महसूस की और उनके खिलाफ नैतिकता के बड़े-बड़े भाषण भी दिये। मगर इस बीच अनिरुद्ध बहल के सहयोगी गुलेल के आशीष खेतान ने जो टेप जारी किए उसने भाजपा के सारे सपनों पर ही ग्रहण लगा दिया। यह टेप भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने गृह मंत्री अमित शाह के जरिए एक युवती का पीछा किए जाने की रिकॉर्डिंग थी। इन रिकॉर्डिंग के बाद सरकार ने एक आयोग बनाकर इस जासूसी कांड की जांच के आदेश कर दिये। यह मोदी की छवि पर सीधा हमला था। भाजपा इस हमले से सकते में थी।

इस बीच अनिरुद्ध बहल ने सनसनीखेज खुलासा किया कि कई कंपनियां फर्जी तरीके से सोशल साइट्स पर लोगों को महिमामंडित कर रही हैं और उनके विरोधियों पर हमला कर रही हैं। जाहिर है यह खुलासे भाजपा के लिए बेहद परेशानी की बात थी। क्योंकि मोदी के समर्थक सोशल साइट्स पर खासे सक्रिय रहते हैं और इस खुलासे के बाद सबको समझ आ गया कि फेसबुक पर किस तरह हिट और लाइक्स इकट्ठे किए जा रहे हैं। यही नहीं अनिरुद्ध बहल ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों के जरिये हवाला के माध्यम से अरबों रुपये के काले कारोबार का भी खुलासा अपनी वेबसाईट कोबरा पोस्ट के माध्यम से किया।

अनिरुद्ध बहल को अंदाजा भी नहीं होगा कि इस तरह के खुलासे करने से उनकी जान को भी इस हद तक खतरा हो सकता है। खुफिया विभाग को जानकारी मिली कि कुछ लोग इस प्रयास में हैं कि अनिरुद्ध बहल पर हमला करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाये। इन लोगों का मानना है कि तरूण तेजपाल तो अब लंबी कानूनी प्रक्रिया के चलते आसानी से जेल के बाहर नहीं आ पायेंगे और अगर बाहर आये भी तो उनकी पत्रकारिता में वह धार नहीं बचेगी। और अगर इसी बीच अनिरुद्ध बहल को भी रास्ते से हटा दिया जाये तो एक ऐसा पत्रकार रास्ते से हट जायेगा जो इस तरह के षडयंत्र रचने वाले लोगों की राह में रोड़ा बना हुआ है।

खुफिया विभाग को जानकारी मिली कि कुछ लोगों को इस काम की जिम्मेदारी दी गयी है कि अनिरुद्ध बहल पर इस तरह हमला किया जाये कि वह किसी भी कीमत पर न बचने पायें। यह जानकारी मिलते ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय में हड़कंप मच गया। वीआईपी लोगों की सुरक्षा देख रहे वीआईपी सिक्योरिटी के डायरेक्टर गिरीश कुमार ने 23 दिसंबर को अनिरुद्ध बहल को वाई कटैगरी की सुरक्षा देने के आदेश कर दिये। इस सुरक्षा के तहत अनिरुद्ध बहल के घर पर चार सशस्त्र पुलिस कर्मी हमेशा तैनात रहेंगे। दो पर्सनल सिक्योरिटी अफसर अनिरुद्ध बहल के साथ लगातार रहेंगे जिसमें एक वर्दी में अत्याधुनिक हथियार के साथ रहेगा जबकि दूसरा सादा कपड़ों में एक छोटे हथियार के साथ उनके साथ रहेगा। इसके अलावा उनके दफ्तर पर भी चार सशस्त्र पुलिस कर्मी रहेंगे और एक निजी सुरक्षा अधिकारी हथियारों के साथ रहेगा। स्वाभाविक है अब तक बेखौफ होकर अपनी खबरों के लिए सुरागरसी करने वाले अनिरुद्ध बहल के लिए अब जिंदगी इतनी आसान नहीं रह जायेगी।

अनिरुद्ध बहल पर हमले की आशंका ने मीडिया जगत में भी खलबली मचा दी है। कई पत्रकारों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे लोगों को बेनकाब किया जाना चाहिए जो अनिरुद्ध बहल जैसे ईमानदार, तेज तर्रार पत्रकार पर हमले की बात सोचते हैं। साथ ही उनके विरुद्ध इतनी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए कि भविष्य में कोई इस तरह की हिम्मत न जुटा पाये। भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह ने कहा कि अनिरुद्ध बहल इस देश के सबसे बड़े खोजी और होनहार पत्रकार हैं। उनकी सुरक्षा की हर हालत में जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए और उन लोगों को कड़ी सजा भी देनी चाहिए जो किसी पत्रकार पर हमला करने की साजिश करते हैं। राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव और बिजनेस स्टैंडर्ड के ब्यूरोचीफ सिद्धार्थ कलहंस का मानना है कि अनिरुद्ध बहल ने पत्रकारिता के उच्चतम माप दण्ड को स्थापित किया है लिहाजा हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनकी तथा उनके परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सुनिश्चत करें। आईबीएन-7 के ब्यूरो चीफ शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि अनिरुद्ध बहल निर्भीक और होनहार पत्रकार हैं अगर कोई उनके खिलाफ इस तरह की साजिश की कल्पना करता है तो उसे इतना कड़ा दंड मिलना चाहिए जिससे भविष्य में कोई इस तरह की सपने में भी कल्पना न करे।

यूपी सरकार के लिए भी यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि अनिरुद्ध बहल गाजियाबाद के वैशाली क्षेत्र में रहते हैं। पुलिस इस मामले में बेहद संवेदनशील एवं गोपनीय रवैया अपना रही है। इस बारे में पूछे जाने पर मेरठ के डीआईजी के. सत्यनाराण ने कहा कि यह मामला नोएडा का है, वहां के एसएसपी ही बता सकते हैं। नोएडा के एसएसपी तो लाइन पर नहीं आये अलबत्ता उनके पीआरओ ने कहा कि इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकते और साहब व्यस्त हैं। प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था अमरेंद्र सहगल ने कहा कि यूपी पुलिस सभी लोगों की सुरक्षा के लिए तत्पर है और अगर किसी महानुभाव को वाई कैटेगरी की सुरक्षा मिली है तो यूपी पुलिस उसका विशेष ध्यान रखेगी।

लेखक संजय शर्मा लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और वीकएंड टाइम्स हिंदी वीकली के संपादक हैं.  यह स्टोरी वीकएंड टाइम्स में प्रकाशित हो चुकी है.

संजय के अन्य लेखों, विश्लेषणों, रिपोर्टों को पढ़ने के लिए क्लिक करें: भड़ास पर संजय

 

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...