Nadim S. Akhter : तो कोबरा पोस्ट वाले अनिरुद्ध बहल ने देश को बता दिया कि ब्लैक मनी देश से बाहर नहीं जा रहा है…ये हमारे सिस्टम के अंदर ही घुसा हुआ है और जिसे देश के बड़े बैंक बहुत आसानी से white money में convert कर रहे हैं…एक वाकया बताता हूं…एक अखबार में काम के दौरान एक रिपोर्टर ने बताया कि सरकारी महकमों के आला अधिकारी कितना पैसा देकर पोस्टिंग कराते हैं…जो मौजूदा साहब हैं…इन्होंने इतना पैसा देकर अपनी पोस्टिंग कराई होगी क्योंकि उनकी कमाई ** करोड़ होगी महीने की…और ये कि पूरा माफिया और साहब लोग मिलकर किस तरह मीडिया को मैनेज करते हैं…मीडिया हाउस की हैसियत के मुताबिक पत्रकारों के लिए भी महीने के पैसे बंधे हुए हैं ताकि कोई पोल ना खोल दे…इस बंदरबांट में सब शामिल हैं…
खैर, जब मैंने पूछा कि अगर करोड़ों में ये साहब कमाते हैं, तो फिर पैसा कहां रखते होंगे…जाहिर है, सरकारी अधिकारी हैं, आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में पकड़े जाने का डर होगा…घर में तो नहीं ही रखेंगे..फिर बैंकों में कैसे रखेंगे…वहां रखेंगे तो भी पकड़े जाने का डर रहेगा…तो दो रिपोर्टर हंसते हुए बोले कि सर, ये सब स्विस बैंक में ही रखते होंगे…ऊपर (नेता लोग) से नीचे तक कनेक्शन है…ऊपर वाले जहां रखते होंगे, इन लोगों ने भी अपना खाता वहीं खुलवा लिया होगा…
अब जाकर पता चला कि देश के भ्रष्ट अफसर, माफिया और नेता किसी स्विस बैंक में नहीं जाते…वे देश के बड़े बैंकों में ही अपना पैसा Black से White कर लेते हैं…बड़ी आसानी से…कोबरा पोस्ट के स्टिंग आपरेशन में जो दिखाया गया है, वो देश के वित्तीय हालात और इसकी मॉनिटरिंग को हास्यास्पद करार देने के लिए काफी है…कुछ बानगी देखिए…
बैंक का मैनेजर सामने वाले की पहचान को जाने बगैर बड़े आराम से बताता है कि आप अगर इतना लाख-करोड़ पैसा हमारे बैंक में लगाओगे तो हम आपके लिए personal private banking सुविधा देंगे…इसमें बैंक का भी कोई कर्मचारी सिस्टम में आपके account no. को डालकर ये पता नहीं लगा सकता कि आपके account में कितने पैसे हैं…वहां मेरा employee code आएगा और ये मैसेज आएगा कि आपके account के बारे में जानकारी सिर्फ मुझे है…मैं ही बता सकता हूं कि आपके अकाउंट में कितने करोड़ जमा हैं…
प्राइवेट बैंक ये भी बताता है कि किस तरह आपकी black money वो विदेश भेज सकते हैं…और वो भी आपका पैसा बैंकिंग सिस्टम के अंदर डालकर…आप हमारे बैंक की फलां योजनाओं में निवेश कर दीजिए…बाकी हम समझ लेंगे…वगैरह-वगैरह…
मतलब साफ है…आप करोड़ों रुपये का काला धन लेकर जाइए और बैंक को बताइए कि मुझे इसे सफेद करना है…बैंक आपको रास्ता बता देगा…लेकिन हमारे-आपके लिए सबसे ज्यादा डरने की वजह ये है कि इन सारी प्रक्रियाओं में बैंक अपने दूसरे कस्टमर्स के अकाउंट का भी उपयोग कर रहे हैं और वह भी बिना आपकी जानकारी के…मसलन काले धन की एक बड़ी रकम आपके एकाउंट से होकर गुजर गई और आपको पता भी नहीं चला…और मेरे ख्याल से इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून भी नहीं है…अब तक तो चोर-लुटेरे-डाकू आपके क्रेडिट कार्ड-डेबिट कार्ड की क्लोनिंग करके, अकाउंट हैक करके, पिन नम्बर चुराकर आपके साथ फर्जीवाड़ा करते थे लेकिन अब तो खुद बैंक आपके साथ फर्जीवाड़ा कर रहे हैं…आपकी जानकारी के बगैर आपके एकाउंट नम्बर का उपयोग करके….
बहरहाल देश को ये सचाई बताने के लिए अनिरुद्ध बहल और उनकी पूरी टीम को बधाई…ये भी सोच रहा हूं कि तड़क-भड़क के साथ हिन्दी-अंग्रेजी के इतने ज्यादा बिजनेस चैनल चल रहे हैं, उनमें से किसी ने ऐसा स्टिंग क्यों नहीं किया…उनके पत्रकारों-संपादक को क्या ऐसी भनक नहीं थी…और अगर थी, तो इसे उजागर क्यों नहीं किया…क्या उनका काम सिर्फ मार्केट में उतार-चढ़ाव, निवेश और टैक्स बचत बताना है?!!
Neeraj Karan Singh : पत्रकारिता के इतिहास में कोबरा पोस्ट ने वो कर डाला जो कोई खबरिया चैनल नहीं कर सकता था। काले नोटों की सब बात करते थे लेकिन कोबरा ने दिखा दिया कि कौन लोग हैं जो इन्हीं काले नोटों को सफेद कर डालते हैं। इसे कहते हैं पत्रकारिता।
Dilnawaz Pasha : कोबरा पोस्ट के रेड स्पाइडर के बाद अब सरकार की बारी है हिट मारने की… लेकिन देखना यह है कि सरकार रेड स्पाइडर पर हिट मारती है या असली नागों पर…
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