अनिल त्रिपाठी द्वारा पत्रकारिता को एक व्यवसाय की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके साक्ष्य में अनिल त्रिपाठी द्वारा चलाये जा रहे समाचार पत्रों का विवरण आप सभी के सन्मुख है. अनिल त्रिपाठी द्वारा अपने को एक साधारण पत्रकार बताया जा रहा है, परन्तु वास्तव में वो युग जागरण नाम के समाचार पत्र अपनी पत्नी का नाम पर दिखाकर एक बड़ा व्यवसाय कर रहे हैं. वे एक बड़े व्यवसायी हैं. जहाँ एक समाचार पत्र का प्रकाशन एवं संचालन करना वित्तीय दृष्टि से लाभकारी नहीं है वहीं अनिल त्रिपाठी द्वारा अपनी पत्नी के नाम से ५-५ समाचार पत्रों का संचालन किया जा रहा है. आप स्वयं निर्णय लीजिये कि अनिल त्रिपाठी पत्रकार हैं या व्यवसायी????
अनिल त्रिपाठी स्वयं को बहुत ही साधारण पत्रकार बताता है वहीं वो पत्रकारिता के दम पर अपनी पत्नी अनीता त्रिपाठी के नाम से लाखों का कारोबार कर रहा है. अनिल त्रिपाठी द्वारा हिंदी के साथ-साथ उर्दू भाषा में भी समाचार पत्र का प्रकाशन किया जा रहा है. लखनऊ, फतेहपुर, आजमगढ़ से अख़बार के नाम पर पैसा कमाया जा रहा है. क्या अनीता त्रिपाठी को उर्दू भाषा का ज्ञान है????

अर्चना यादव की रिपोर्ट.






