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दिल्ली

अनुरंजन झा, आप, स्टिंग और असलियत

मीडिया सरकार डॉट कॉम ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर आम आदमी पार्टी के कई उम्‍मीदवारों को बेनकाब करने की कोशिश तो की है लेकिन इस स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद भी दिल्‍ली पर राज करने की सोच रहे दूसरे राजनीतिक दल ज्‍यादा कुछ नहीं बोल रहे हैं। होना तो ये चाहिए था कि आम आदमी पार्टी को घिरता देख अब तक तो बहुत बवाल होना चाहिए था। मीडिया भले ही इस मामले को तूल दे रहा हो लेकिन राजनीतिक लोग कोई खास त्‍वज्‍जो देते दिखाई नही दे रहे हैं। ये भी हो सकता है कि नेता ये सोच रहे हों कि ज्‍यादा बोलने पर कही आम आदर्मी पार्टी इसकी बुराई उनके सिर ना रख दे।
मीडिया सरकार डॉट कॉम ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर आम आदमी पार्टी के कई उम्‍मीदवारों को बेनकाब करने की कोशिश तो की है लेकिन इस स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद भी दिल्‍ली पर राज करने की सोच रहे दूसरे राजनीतिक दल ज्‍यादा कुछ नहीं बोल रहे हैं। होना तो ये चाहिए था कि आम आदमी पार्टी को घिरता देख अब तक तो बहुत बवाल होना चाहिए था। मीडिया भले ही इस मामले को तूल दे रहा हो लेकिन राजनीतिक लोग कोई खास त्‍वज्‍जो देते दिखाई नही दे रहे हैं। ये भी हो सकता है कि नेता ये सोच रहे हों कि ज्‍यादा बोलने पर कही आम आदर्मी पार्टी इसकी बुराई उनके सिर ना रख दे।
 
अनुरंजन झा की अगुवाई में हुए इस स्टिंग ऑपरेशन के बाद दिल्‍ली के सियासी गलियारों से लेकर मीडिया तक में खलबली मची हुई है। आम आदमी पार्टी पर कीचड़ उछला है लिहाजा उसकी कोई सफाई काम नही आ रही है। सच और झूठ का पता तो शायद ही कभी लग पाएगा क्‍योंकि इस बात की गारंटी कौन देगा कि ये स्टिंग पूरी तरह से निष्‍पक्षता के साथ कराया गया है। सवाल बेहद अहम है और सवाल उठा वहां से, जब अनुरंजन झा एक टीवी चैनल पर इंटरव्‍यू दे रहे थे। अनुरंजन जी से एक चैनल के मैनेजिंग एडिटर ने पूछा कि आपने सिर्फ आम आदमी पार्टी का स्टिंग ऑपरेशन ही क्‍यों किया, इस पर अनुरंजन जी ने कहा कि दूसरे राजनीतिक दल के बारे में सबको सब कुछ पता है, जहां तक मैं समझ पाया उनके कहने के मतलब ये हो सकता है कि ये दल पहले से ही पाक साफ नही है मसलन उनका दाम साफ नही है। अनुरंजन जी ने आप के बारे में कहा कि हमने इस पार्टी के नेताओं का स्टिंग ऑपरेशन इसलिए किया क्‍योंकि वे आप की विश्‍वसनीयता परखना चाहते थे। जिस तरह से आम आदर्मी पार्टी और उम्‍मीदवारों को साफ छवि वाली पार्टी बताया जा रहा है क्‍या सचमुच में ऐसा ही है, ये वजह बताई इंटरव्‍यू के दौरान अनुरंजन जी ने। मतलब अनुरंजन जी ने जमाने के सामने आम आदर्मी पार्टी की सच्‍चाई लाने के लिए अपनी टीम के साथ मिलकर ये स्टिंग ऑपरेशन कर डाला। 
 
अब सवाल ये उठा है कि आखिरकार अनुरंजन जी, आपने आम आदर्मी पार्टी के सिर्फ उन उम्‍मीदवारों को ही टारगेट क्‍यों किया जो दमदार हैं और जिन्‍हें आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस की टक्‍कर पर उतारा है। अनुरंजन जी, जब आपसे एक आम आदर्मी पार्टी के नेता एक टीवी चैनल पर चल रहे फोनो पर बार बार स्टिंग के रॉ फुटेज देने की मांग कर रहे थे तो आप बार बार कानून का हवाला क्‍यों दे रहे थे। अरे अगर बात में इतनी ही सच्‍चाई थी तो अनुरंजन जी आपने चुनाव आयोग जाने का हवाला क्‍यों दिया। सवाल ये भी है कि‍ जिस अंदाज में इस स्टिंग ऑपरेशन को पेश किया गया है उससे लग ऐसा रहा है कि इसके पीछे न्‍यूज चैनल में काम करने वाले पेशेवर लोगों का ही दिमाग काम कर रहा है। आम आदमी पार्टी साफ सुथरी है या नहीं ये तो बाद की बात है लेकिन इस बात की गारंटी किससे ली जाए की स्टिंग ऑपरेशन करने वाले अपनी जगह सही हैं। 
 
स्टिंग की पूरी विश्‍वसनीयता पर शक इसलिए भी है क्‍योंकि न्‍यूज चैनल को छोड दें तो अब तक दूसरी एजेंसी की तरफ से आए किसी भी स्टिंग ऑपरेशन को कभी भी इस तरह से प्रसारित नहीं किया गया। मसलन बकायदा न्‍यूज चैनल की स्‍टोरी की तरह से इस स्टिंग की एडिटिंग हुई, बकायदा स्‍टोरी का वीओ करवाया गया है, ग्राफिक्‍स का इस्‍तेमाल किया गया है, बार बार कुमार विश्‍वास, शाजिया इल्‍मी का नाम लेकर न्‍यूज चैनल की स्‍टोरी के हिसाब से स्क्रिप्‍टिंग की गई है, जिससे जाहिर होता है कि मी‍डिया सरकार के इस स्टिंग के पीछे मीडिया के पेशेवर लोगों का दिमाग जरूर रहा है। ऐसे में सवाल ये है कि अगर अनुरंजन जी ने स्टिंग कर ही लिया था जो उसके रॉ फुटेज न्‍यूज चैनल या चुनाव आयोग को उसी हालात में भी तो दिए जा सकते थे। आखिरकार इस तरह से स्टिंग को प्रसारित क्‍यों किया गया। अनुरंजन जी को अगर सच ही सामने लाना था तो स्टिंग एडिट करने के बाद ही मीडिया का सहारा क्‍यों लिया। जाहिर है हर किसी के मन में शंका उठनी लाजमी है। अनुरंजन जी ने आम आदमी पार्टी का स्टिंग ही क्‍यों किया इसका जवाब एक टीवी चैनल पर ये दिया हो कि ये नई नवेली पार्टी है इसलिए वो इसकी विश्‍वसनीयता जमाने के सामने लाना चाहते थे। 
 
लेकिन सवाल ये है कि आप दूसरे राजनीतिक दलों का सच सामने लाने की हिम्‍मत क्‍यों नहीं कर रहे हैं। अरे आप स्टिंग कीजिए बीजेपी का, जिनके पीएम उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली पर इन दिनों करोडों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जमाने के सामने लाईए ये सच कि इतना पैसा आ कहां से रहा है। अनुरंजन जी सामने लाइए कांग्रेस का सच, जिसके उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी, सरकार में किसी पद पर ना होते हुए भी आईबी उन्‍हें ये बता देती है कि मुजफफनगर दंगा पीड़ित युवक आईएसआई के संपर्क में हैं। कहां से पता चली राहुल गांधी को ये बात। अगर आप स्टिंग करने का इतना ही माददा रखते हैं तो शीला सरकार का सच भी बताइए कि चुनाव आते ही दिल्‍ली की कई कॉलोनियों को क्‍यों अॅथराईज कर दिया गया, उजागर कीजिए ये सच कि सरकार ने सचिन तेंदुलकर को यूं अचानक से भारत रत्‍न देने का फैसला क्‍यों कर लिया, मुददे बहुत हैं अनुरंजन जी, सिर्फ आम आदर्मी पार्टी का स्टिंग कर देने भर से ये नहीं समझा जा सकता है ये पार्टी करप्‍ट है और आपके इस कदम से करप्‍शन रुक जाएगा।
 
दिल्‍ली से नीरज राठी का विश्लेषण
 
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