Manish Sisodia : इस तथाकथित स्टिंग ओपरेशन से क्या सिर्फ आम आदमी पार्टी की साख दाव पर है? मीडिया की नहीं? कल कोई आदमी आया और उसने एक ऎडिटिड सीडी दिखाई. मीडिया ने बिना पूरी रिकार्डिंग देखे, सिर्फ एडिटिड फुटेज और वायस ओवर में लगाए आरोपों के आधार पर आम आदमी पार्टी के लोगों को बदनाम कर दिया? क्या आज हमारा मीडिया इतना कमजोर है कि कोई उसे, कुछ भी दिखाकर मूर्ख बनाकर जा सकता है?
अगर मीडिया को अपनी साख बचानी है तो उसे अनुरंजन झा से उसकी पूरी फुटेज निकलवाकर देखनी चाहिए और अगर उसमें आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गलत पाये जाते हैं तो हम गारंटी देते हैं कि वे चुनाव नहीं लडेंगे. लेकिन अगर पूरी फुटेज में ये लोग निर्दोष नजर आते हैं तो मीडिया क्या करेगा? क्या मीडिया इसकी पूरी रिकार्डिंग निकलवा कर सच सामने रख पायेगा?
पूर्व पत्रकार और 'आप' नेता मनीस सिसोदिया के फेसबुक वॉल से.
Atul Agrawaal : स्टिंग ऑपरेशन में वाकई वो दम नहीं है, जितना बड़ा दावा किया जा रहा था. डॉ. विश्वास ने साफ कहा, "50 हज़ार रूपए कैश में लेना और इसके बदले में रसीद देना कोई अपराध नहीं है. मैंने पिछले साल भी कैश में रुपए लिए थे और उन्हें अपने इनकम टैक्स रिटर्न में दिखा कर टैक्स भी भरा था." हाल-फिलहाल वही कहावत सच साबित हुई कि खोदा पहाड़ और निकली चुहिया…
समाचार प्लस चैनल के सीनियर एंकर अतुल अग्रवाल के फेसबुक वॉल से.






