संतोष भारतीय का सच अन्ना हजारे के सामने आ ही गया, लेकिन बहुत देर बाद. संतोष भारतीय ने अपने सेटिंग-गेटिंग फार्मूले के तहत अन्ना हजारे को पूरी तरह निचोड़ कर अलग-थलग करा दिया. दुखी अन्ना हजारे ने आज कह ही दिया कि संतोष भारतीय ने उनके साथ धोखा किया है. उधर, संतोष भारतीय ने धोखेबाजी के आरोपों से इनकार किया.
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को समर्थन दिया था, उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को नहीं. अन्ना ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने बनर्जी की सादगी को देखते हुये उनको समर्थन करने की बात कही थी, लेकिन उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने की बात नहीं कही थी.
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले यहां रामलीला ग्राउंड़ में हुई तृणमूल कांग्रेस की रैली में अन्ना नहीं पहुंचे थे, जबकि बनर्जी के साथ उन्हें भी इस रैली को संबोधित करना था. अन्ना ने रैली को लेकर हुई गड़बड़ी के लिये अपने सहयोगी संतोष भारतीय को दोषी ठहराया. उन्होंने संतोष भारतीय पर धोखा देने का आरोप लगाया. अन्ना ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि यह ममता की रैली है, जबकि ममता को बताया गया कि यह अन्ना की रैली है. इस रैली में बहुत कम लोग पहुंचे थे. इस बीच अन्ना की सहयोगी सुनीता के हवाले से खबर आई है कि अन्ना न तो बनर्जी और न ही उनकी पार्टी का समर्थन करेंगे.
दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस की रैली में नहीं पहुंचकर ममता को असहज स्थिति में डालने वाले भ्रष्टाचार विरोधी अभियानकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि वह बहुत कम लोगों की उपस्थिति वाली रैली में इसलिए नहीं गए क्योंकि उन्हें गुमराह किया गया. उन्होंने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते लेकिन एक व्यक्ति के रूप में ममता बनर्जी उन्हें सही लगती हैं क्योंकि वह देश के सभी मुख्यमंत्रियों में सर्वश्रेष्ठ हैं.
बुधवार को रामलीला मैदान में हुई बहुप्रचारित रैली में अपनी गैर मौजूदगी पर चुप्पी तोड़ते हुए हजारे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वह इसलिए वहां नहीं गए क्योंकि उन्हें गुमराह किया गया. उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि उन्हें बनर्जी द्वारा आयोजित रैली में शामिल होना है जबकि तृणमूल प्रमुख को बताया गया कि यह अन्ना हजारे की रैली है. हजारे ने एक आयोजक का नाम लेते हुए कहा, ‘‘जब मैं दिल्ली आया तब मैंने पाया कि रैली में महज 2000 या ढाई हजार लोग हैं. मैंने सोचा कि कुछ गड़बड़ है क्योंकि रामलीला मैदान में चार हजार लोग भी नहीं है जबकि पिछले बार प्रदर्शन के दौरान मैदान खचाखच भरा था. यह भूल है, यह धोखाधड़ी है. मेरे साथ संतोष भारतीय ने धोखा किया है.’’
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