: कानाफूसी : मध्य प्रदेश के मध्यम दर्जे के अखबार समूहों की हालत खराब होती जा रही है. मध्य प्रदेश के प्रमुख अखबार नईदुनिया को दैनिक जागरण ने खरीद लिया तो पीपुल्स समाचार भी इसी स्थिति में पहुंचता दिख रहा है. ताजी चर्चा यह है कि बिल्डर अरुण सहलोत का अखबार राज एक्सप्रेस बिकने जा रहा है. प्रॉपर्टी का धंधा करने वाले अरुण सहलोत के इस अखबार ने कुछ समय पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसके बाद खार खाए सीएम ने अरुण सहलोत के कई प्रोजेक्टों को तहस-नहस करवा दिया.
इससे राज एक्सप्रेस समूह को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. अखबार में सरकारी विज्ञापन भी बंद करा दिया गया. प्रबंधन ने अपने संपादक को भी निकाला. इसके बाद भी हालात नहीं बदले. अब मध्य प्रदेश के पत्रकारों के बीच चर्चा तेज है कि राज एक्सप्रेस जल्द बिकने जा रहा है. और इसे खरीदने जा रहे हैं न्यूज24 के मालिक और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला. सूत्रों का कहना है कि इसके लिए राजीव शुक्ला और राज एक्सप्रेस प्रबंधन के बीच बातचीत हुई है. हालांकि आधिकारिक रूप से कोई पक्ष इस खबर की पुष्टि नहीं कर रहा है. राजीव शुक्ला को लेकर पहले भी कई अफवाह व चर्चाएं उड़ती रही हैं कि वो दूसरों के चैनल व अखबारों को खरीदने जा रहे हैं पर हर बार यह चर्चा गलत साबित हुई. उधर, कुछ लोगों का कहना है कि संकट में फंसे राज एक्सप्रेस और अरुण सहलोत को परेशान करने के इरादे से कुछ लोगों ने जानबूझ कर बिकने की चर्चा फैलाई है.
दूसरी तरफ मध्य प्रदेश का ही अखबार पीपुल्स समाचार भी अपनी आर्थिक दुश्वारियों से परेशान होकर बिकने की कगार पर खड़ा है. जिस तरह की चर्चाएं हो रही हैं उसमें कहा जा रहा है कि इस अखबार को अमर उजाला समूह खरीद सकता है. हालांकि अभी यह शुरुआती चर्चा है जिसकी कतई कहीं से पुष्टि नहीं हो रही है. आर्थिक परेशानियों से घिरे इस समूह से इन्हीं कारणों के चलते एनके सिंह के समूह संपादक के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद दिनेश गुप्ता को अखबार में नया समूह संपादक बनाया गया है. पीपुल्स समाचार में पिछले दिनों जिस बड़े पैमाने पर छंटनी व बंदी के काम को अंजाम दिया गया उससे अखबार के बिकने की चर्चाओं को बल मिलता है.
उधर, राज एक्सप्रेस प्रबंधन ने अखबार बिकने की चर्चाओं को निराधार करार दिया है. प्रबंधन की तरफ से कुछ लोगों ने भड़ास से बातचीत में कहा कि राज के बिकने की अफवाह कुछ ऐसे लोगों ने उड़ाई है जो नहीं चाहते कि यह अखबार स्मूथ तरीके से चल सके. राज एक्सप्रेस कतई नहीं बिकेगा और यह पहले की तरह प्रकाशित होता रहेगा. अखबार के ग्रुप एडिटर ने भी कहा कि राज एक्सप्रेस के बिकने की सूचना पूरी तरह गलत है. यह अफवाह शरारती तत्वों द्वारा उड़ाई गई है.
राज एक्सप्रेस के बिकने की खबर झूठी, भड़ास को नोटिस भेजूंगा : अरुण सहलोत
मध्य प्रदेश से प्रकाशित दैनिक राज एक्सप्रेस के चेयरमैन अरुण सहलोत ने भड़ास4मीडिया पर राज एक्सप्रेस के बिकने संबंधी कयास पर आधारित कानाफूसी कैटगरी की खबर को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि अगर भड़ास ने इस खबर को नहीं हटाया तो वे नोटिस भेजेंगे. उन्होंने पूछा कि किस स्रोत के आधार पर भड़ास ने ये खबर प्रकाशित की और ऐसे कैसे यह खबर प्रकाशित की जा सकती है. जब उनको बताया गया कि कानाफूसी कैटगरी की खबरें चर्चाओं और गासिप पर आधारित होती हैं, साथ ही उन लोगों का पक्ष भी प्रकाशित कर दिया गया है तो उनका कहना था कि यह सब ठीक नहीं है, उनका बहुत नुकसान हो गया है इस खबर से, खबर तुरंत हटाओ अन्यथा नोटिस भेज दूंगा.