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अपने खासमखास रहे कुशवाहा को नसीहत दी बसपा ने

: बसपा ने कहा- बाबू सिंह कुशवाहा का प्रलाप घटिया, जांच से बचने के लिए अनर्गल आरोपों पर उतरे कुशवाहा, नहीं रके तो उनसे नाराज हो जाएंगे बसपा कार्यकर्ता, मायावती को अब तक नहीं मिला ऐसा कोई भी खत :  लखनऊ : कभी बसपा सुप्रीमो मायावती के दाहिना हाथ रहे बाबूसिंह कुशवाहा से बहुजन समाज पार्टी ने किनारा कर लिया है। मंत्री नसीमुद्दीन सिददीकी, कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह और प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर से अपनी जान का खतरा बताने वाले बाबूसिंह कुशवाहा के आरोपों को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष  स्वामी प्रसाद मौर्य घटिया बताया है और कहा है कि अपने खिलाफ जांच और मुकदमों से बचने के लिए अब कुशवाहा बेहूदा आरोप लगा रहे हैं।

: बसपा ने कहा- बाबू सिंह कुशवाहा का प्रलाप घटिया, जांच से बचने के लिए अनर्गल आरोपों पर उतरे कुशवाहा, नहीं रके तो उनसे नाराज हो जाएंगे बसपा कार्यकर्ता, मायावती को अब तक नहीं मिला ऐसा कोई भी खत :  लखनऊ : कभी बसपा सुप्रीमो मायावती के दाहिना हाथ रहे बाबूसिंह कुशवाहा से बहुजन समाज पार्टी ने किनारा कर लिया है। मंत्री नसीमुद्दीन सिददीकी, कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह और प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर से अपनी जान का खतरा बताने वाले बाबूसिंह कुशवाहा के आरोपों को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष  स्वामी प्रसाद मौर्य घटिया बताया है और कहा है कि अपने खिलाफ जांच और मुकदमों से बचने के लिए अब कुशवाहा बेहूदा आरोप लगा रहे हैं।

मौर्या ने अभी अभी जारी एक वक्‍तव्‍य में  कहा है कि उन्हें इलेक्ट्रानिक चैनलों से जानकारी मिली कि पूर्व कैबिनेट मंत्री  बाबू सिंह कुशवाहा द्वारा अपनी जान का खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। उन्होंने श्री कुशवाहा के लिखे पत्र पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए इस बात का खण्डन किया कि उनकी जान को मंत्रिपरिषद के किसी सदस्य या शासन के किसी अधिकारी से खतरा है। उन्होंने कहा कि श्री कुशवाहा का कथित पत्र अभी मुख्यमंत्री को तो प्राप्त नहीं हुआ है, परन्तु इससे पहले ही इलेक्ट्रानिक चैनलों द्वारा इसके प्रसारण से यह साबित हो गया है कि श्री कुशवाहा अपनी पेशबन्दी में लगे हैं।

श्री मौर्य ने कहा कि श्री कुशवाहा काफी दिनों से पार्टी से जुड़े रहे और सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार में मंत्री रहते हुए उन्हें मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, मंत्रिमण्डलीय सचिव शशांक शेखर सिंह तथा प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर से जान का कोई खतरा नहीं था और इन्होंने उनके साथ काफी दिनों तक काम किया। जब वे मंत्रिपरिषद से बाहर हुए तब भी काफी लम्बे समय तक इन्हें कोई खतरा नजर नहीं आया। लेकिन अचानक पिछले कुछ दिनों से श्री कुशवाहा को इन लोगों से जान का खतरा कैसे नजर आने लगा, यह आश्चर्य की बात है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें मीडिया तथा समाचार पत्रों से जानकारी मिली है कि श्री कुशवाहा की जांच मा0 लोकायुक्त द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में की जा रही है। इसके अलावा मा0 उच्च न्यायालय में भी उनके सम्बन्ध में एक जनहित याचिका विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि श्री कुशवाहा जब चारो तरफ से कानून के शिकंजे में घिर गये हैं, तो लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार की ड्रामेबाजी पर उतर आये हैं।

श्री मौर्य ने कहा कि पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते स्पष्ट तौर पर उनके स्तर से यह साफ किया जाता है कि श्री कुशवाहा अब न तो पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं और न ही पार्टी के किसी कार्यक्रम या आयोजन में इनकी कोई भूमिका ही होती है। इसीलिए कुण्ठाग्रस्त होकर वे बेबुनियाद आरोप लगाकर अपने सहकर्मियों एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को बदनाम करने की घिनौनी हरकत कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि श्री कुशवाहा को इस प्रकार की हरकत से बचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि श्री कुशवाहा को मा. लोकायुक्त के विचाराधीन अपने आय से अधिक मामले पर तथा मा0 उच्च न्यायालय में दाखिल पीआईएल पर कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री कुशवाहा को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए, जिससे उनसे पार्टी के लोग आक्रोशित हों।

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