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सुख-दुख...

अपने पत्रकार अजय के निधन पर शोक मनाना भी जरूरी नहीं समझा दैनिक जागरण ने

क्‍या दैनिक जागरण जैसे अखबार में इंसानियत और संवेदनशीलता जैसी चीजों के लिए कोई स्‍थान नहीं रह गया है? ये सवाल कोडरमा में तमाम लोग उठा रहे हैं. खासकर जयनगर के पत्रकार अजय कुमार सिंह के जानने वाले और शुभचिंतक लोग. इसमें कोई शक नहीं है कि जागरण जैसा संस्‍थान अपने कर्मचारियों का जमकर शोषण करता है. इसी के संपादक रहे नरेंद्र मोहन ने संवाद सूत्र जैसी परिकल्‍पना को जन्‍म दिया था. यानी अखबार के लिए काम करो, समाचार दो, पैसे उगाहो, विज्ञापन जुटाओ, झिड़की-डांट सुनो, पर पैसे मांगो मत, जब तुम कहीं फंसोगे, मरोगे, कटोगे तो जागरण झट से अपना पल्‍ला झाड़ लेगा.

क्‍या दैनिक जागरण जैसे अखबार में इंसानियत और संवेदनशीलता जैसी चीजों के लिए कोई स्‍थान नहीं रह गया है? ये सवाल कोडरमा में तमाम लोग उठा रहे हैं. खासकर जयनगर के पत्रकार अजय कुमार सिंह के जानने वाले और शुभचिंतक लोग. इसमें कोई शक नहीं है कि जागरण जैसा संस्‍थान अपने कर्मचारियों का जमकर शोषण करता है. इसी के संपादक रहे नरेंद्र मोहन ने संवाद सूत्र जैसी परिकल्‍पना को जन्‍म दिया था. यानी अखबार के लिए काम करो, समाचार दो, पैसे उगाहो, विज्ञापन जुटाओ, झिड़की-डांट सुनो, पर पैसे मांगो मत, जब तुम कहीं फंसोगे, मरोगे, कटोगे तो जागरण झट से अपना पल्‍ला झाड़ लेगा.

अजय कुमार सिंह के मामले में भी ऐसा ही हुआ है. अजय जयनगर से दैनिक जागरण को अपनी सेवाएं दे रहा था. किसी खबर के लिए जाते समय ही अजय दुर्घटना के शिकार हुए और इलाज के लिए ले जाते समय उनका निधन हो गया. दैनिक जागरण ने अजय कुमार सिंह के मौत की खबर तो प्रकाशित की है, लेकिन उसने कहीं भी एक शब्‍द लिखने की जरूरत नहीं समझी कि अजय दैनिक जागरण से जुड़े हुए थे. अगर जागरण से जुड़ने के बारे नहीं छापते तो कोई बात नहीं, पर उन्‍होंने अपने एक साथी असमय चले जाने पर अपने कार्यालय में दो मिनट का शोक मनाना भी उचित नहीं समझा. शायद जागरण में काम करने की पहली और आखिरी शब्‍द ही है संवेदनहीनता. क्‍योंकि संवेदना रहते कोई भी गलत काम नहीं कर सकता. नीचे जागरण में प्रकाशित खबर को आप भी देखिए… 


कोडरमा: कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन में मंगलवार की सुबह बोल्डर लदी एक ट्रैक्टर के पलटने से जयनगर के पत्रकार अजय कुमार सिंह (30) की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के वक्त अजय वहां से गुजर रहे थे। बोल्डर सहित टै्रक्टर के नीचे उसके दोनों पाव से लेकर पेट तक का हिस्सा दबा रहा। गंभीर हालत में उसे झुमरीतिलैया के पार्वती क्लिनिक में लाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे रांची रेफर कर दिया गया। रांची ले जाने के क्रम में उरवां के पास उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर जिले के सभी पत्रकार, विधायक अमित कुमार यादव, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को हुजूम दिवंगत पत्रकार के घर पहुंचा और शोकाकुल परिजनों को ढांढस दिलाया। अजय कुमार की शादी गत वर्ष ही हुई थी। उनके निधन विधायक अमित यादव, झाविमो के वरीय नेता प्रो. जानकी यादव, रमेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश यादव, आजसु जिलाध्यक्ष संजय यादव, माले के श्यामदेव यादव, प्रेम प्रकाश, रामधन यादव, डोमचांच प्रमुख शालिनी गुप्ता, सुधीर सिंह, पोखराज राणा, श्रीकांत यादव, राजकुमार यादव, पुनीत यादव, पत्रकार विनोद विश्वकर्मा, सतीश कुमार, राजकुमार सिन्हा, संजीव समीर, अनूप कुमार, अजय कुमार, मनोज कुमार झून्नू अजीत कुमार, संतोष कुमार, मनीष राज, आफताब आलम, मनोज कुमार, विश्वजीत कुंदन, आशीष डे, आत्माराम शर्मा, अनिल झा, रंजीत भारती, अरविंद चौधरी, अभिमन्यू पांडेय, अनिल झा, आरिफ अंसारी, भोलाशंकर के अलावा जिले के सभी पत्रकारों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इधर, डीवीसी कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन के परियोजना प्रमुख केएन सिंह, हिंदी अधिकारी जितेंद्र कुमार झा, एनईसीएल के परियोजना प्रमुख बलराम कुमार ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत पत्रकार के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

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