: कैबिनेट में प्रस्ताव हुआ पास : लखनऊ। पत्रकारों की पुरानी मांग को अमलीजामा पहनाते हुए यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने एसजीपीजीआई में मुफ्त इलाज के फैसले को कैबिनेट में पास करा दिया है। इसके बाद से मान्यता प्राप्त पत्रकार तथा उनके परिवार के सदस्यों का पीजीआई में मुफ्त इलाज हो सकेगा। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने राज्य सरकार द्वारा राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा देने के फैसले का हार्दिक स्वागत किया है।
समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने आज मंत्रिपरिषद द्वारा लिये गये इस ऐतिहासिक फैसले पर पूरे प्रदेश की पत्रकार बिरादरी की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आभार प्रकट करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी प्रदेश सरकार पत्रकार हित में आवश्यक कदम उठायेगी। श्री तिवारी ने कहा है कि सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों के लिये चिकित्सा सुविधा का प्रबंध पूर्व से ही है लेकिन बेहतर इलाज के लिए एसजीपीजीआई में भी यह सहूलियत देने की मांग काफी समय से लम्बित थी जिसे आज अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी की सरकार ने पूरा किया है।
श्री तिवारी ने कहा है कि अगले चरण में पूरे प्रदेश के पत्रकारों को यह सुविधा दिलाने की मांग मुख्यमंत्री से की जायेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि लखनऊ में पत्रकारों के लिये नई आवासीय योजना के बारे में प्रदेश सरकार जल्द ही सकारात्मक कदम उठायेगी। उल्लेखनीय है कि हेमंत तिवारी एवं सिद्धार्थ कलहंस के अलावा वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा ने भी पीजीआई में पत्रकारों के मुफ्त इलाज के लिए अभियान छेड़ रखा था। श्री शर्मा ने अपने अखबार में इन खबरों को प्राथमिकता से प्रकाशित करने के अलावा सीएम के सामने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था।
कैबिनेट में इस प्रस्ताव के पास होने के बाद समस्त मान्यता प्राप्त पत्रकारों में खुशी है. गौरतलब है कि बीते सालों में कई वरिष्ठ पत्रकार धनाभाव एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा के अभाव में असमय काल के गाल में समा चुके हैं। कैबिनेट में मुफ्त इलाज का प्रस्ताव पास होने के बाद अमीर-गरीब सभी पत्रकारों को काफी सहूलियत मिलेगी।






