कराधान मुद्दों के चलते बिल को लेकर पैदा हुए विवाद का समाधान निकालते हुए प्रसारकों और विज्ञापन एजेंसियों ने एक समझौता कर लिया है. इस तरह से टीवी चैनलों पर विज्ञापनों का प्रसारण फिर से शुरू हो गया. इंडियन ब्राडकास्टिंग फाउंडेशन और एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों के बीच लंबी बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी है कि वे ‘सकल’ बिलिंग प्रणाली के बजाय ‘शुद्ध’ बिल जारी करने की व्यवस्था अपनाएंगे.
आईबीएफ के महासचिव शैलेश शाह ने एक बयान में कहा, ‘आईबीएफ बिल बनाने की प्रक्रिया पर पारस्परिक समझौते के लिए एएएआई के साथ एक महीने से अधिक समय से बातचीत कर रहा है. एक मई, 2013 से मीडिया बाइंग एजेंसियां प्रसारकों से शुद्ध बिल स्वीकार करेंगी. इसके परिणाम स्वरूप प्रसारकों ने फिर से विज्ञापन दिखाना शुरू कर दिया है.’
उल्लेखनीय है कि 15 प्रतिशत एजेंसी कमीशन पर सोत पर कर कटौती का भुगतान नहीं करने के लिए आयकर विभाग के आईबीएफ सदस्यों को नोटिस जारी किए जाने के बाद आईबीएफ ने ‘शुद्ध’ विज्ञापन बिल जारी करने की व्यवस्था अपनाने का निर्णय किया था. यह एजेंसी कमीशन सकल बिलों में दिखाया जाता था. इस विवाद के बाद प्रसारकों ने एक मई से विज्ञापन दिखाना बंद कर दिया था. (सहारा)






