खबर है कि भास्कर समूह के मराठी अखबार दिव्य मराठी के स्टेट एडिटर अभिलाष खांडेकर को शंट करते हुए उनकी जगह प्रशांत दीक्षित ने ले ली है. अभिलाष खांडेकर को भोपाल बुला लिया गया है. वैसे कहा ये जा रहा है कि अभिलाष खांडेकर ही सब कुछ हैं और भोपाल से स्टेट एडिटर का काम संभालेंगे, लेकिन जमीनी हकीकत के मुताबिक स्टेट एडिटर का सारा कार्यभार प्रशांत दीक्षित ने संभाल लिया है.
प्रशांत औरंगाबाद में अभिलाष के केबिन में बैठने लगे हैं. प्रशांत दीक्षित लोकसत्ता में असिस्टेंट एडिटर हुआ करते थे. वे दिल्ली और मुंबई, दोनों जगहों पर पत्रकारिता कर चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक दिव्य मराठी के महाराष्ट्र के चीफ एडिटर कुमार केतकर और अभिलाष खांडेकर में पटती नहीं थी. नए स्टेट हेड दीक्षित को केतकर का करीबी बताया जाता है. अभिलाष खांडेकर पर महाराष्ट्र में कई तरह की शिकायतें थीं. अहमदनगर के एक सब एडिटर गणेश चौबे ने तो उनकी नाक में दम करके कर रखा था. 'दिव्य मराठी' में कुमार केतकर से करीबी होने का शक जिस पर भी होता था, उसे दबा कर रखने की कोशिश की जाती थी.
चर्चा के मुताबिक सुधीर अग्रवाल ने हाल ही में महाराष्ट्र के सारे एप्रेजल निरस्त कर सभी कार्मियों को 8 प्रतिशत इंक्रीमेंट जारी किया. बताया जा रहा है कि औरंगाबाद के नजदीक खुलताबाद के एक फार्म हाउस पर खांडेकर की विदाई पार्टी भी हो गई हालांकि इसकी आधिकारिक अभी कोई घोषणा नही की गई है. हाल में ही विक्रांत पाटिल ने भी अभिलाष खांडेकर पर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया. पिछले दिनों सुधीर अग्रवाल ने अकोला लोकमत के कार्यकारी संपादक प्रेमदास राठौड़ को दिव्य मराठी के अकोला एडिशन का आरई बनाया. बताया जाता है कि इनकी नियुक्ति बैगेर खांडेकर को बताए भोपाल से सीधे सुधीर अग्रवाल ने की. कई लोग हैं जिन्होंने खांडेकर के कारण छोड़ा है.






