देश में तीन करोड़ लोग ही अक्लमंद और दूरदर्शी हैं… ऐसा मानन है उमर उजाला का. देश में जो लोग अमर उजाला नहीं पढ़ते हैं, वे मूर्ख और अदूरदर्शी होते हैं. यकीन न हो तो अमर उजाला द्वारा जारी ये विज्ञापन देख लीजिए. इसमें बताया गया है कि उसके तीन करोड़ पाठक हैं जो अक्लमंद और दूरदर्शी हैं. नीचे लिखा है कि आईआरएस की रिपोर्ट के मुताबिक अमर उजाला के पाठकों की संख्या तीन करोड़ से अधिक हो गई है. यानि, अमर उजाला सिर्फ अपने पाठकों को ही अक्लमंद और दूरदर्शी मानता है.
चलिए, इस विज्ञापन से अमर उजाला के पाठक तो खुश होंगे लेकिन दूसरे अखबारों के पाठक अमर उजाला से चिढ़ेंगे कि अमर उजाला न पढ़ने के कारण उन्हें अक्लमंद और दूरदर्शी न मानना कहां का न्याय है. वैसे, विज्ञापनों की दुनिया में माना जाता है कि जिस विज्ञापन पर विवाद नहीं हुआ समझो वो विज्ञापन फ्लाप. इस एंगल से देखा जाए तो अमर उजाला का 'अक्लमंद और दूरदर्शी' वाला विज्ञापन काफी अक्लमंदी और दूरदर्शिता से भरा हुआ है. ये रहा अमर उजाला का विज्ञापन….

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