Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

प्रिंट-टीवी...

अमर उजाला के ”तीन करोड़ अक्लमंद और दूरदर्शी पाठक” वाले विज्ञापन पर विवाद शुरू

देश में तीन करोड़ लोग ही अक्‍लमंद और दूरदर्शी हैं… ऐसा मानन है उमर उजाला का. देश में जो लोग अमर उजाला नहीं पढ़ते हैं, वे मूर्ख और अदूरदर्शी होते हैं. यकीन न हो तो अमर उजाला द्वारा जारी ये विज्ञापन देख लीजिए. इसमें बताया गया है कि उसके तीन करोड़ पाठक हैं जो अक्लमंद और दूरदर्शी हैं. नीचे लिखा है कि आईआरएस की रिपोर्ट के मुताबिक अमर उजाला के पाठकों की संख्या तीन करोड़ से अधिक हो गई है. यानि, अमर उजाला सिर्फ अपने पाठकों को ही अक्लमंद और दूरदर्शी मानता है.

देश में तीन करोड़ लोग ही अक्‍लमंद और दूरदर्शी हैं… ऐसा मानन है उमर उजाला का. देश में जो लोग अमर उजाला नहीं पढ़ते हैं, वे मूर्ख और अदूरदर्शी होते हैं. यकीन न हो तो अमर उजाला द्वारा जारी ये विज्ञापन देख लीजिए. इसमें बताया गया है कि उसके तीन करोड़ पाठक हैं जो अक्लमंद और दूरदर्शी हैं. नीचे लिखा है कि आईआरएस की रिपोर्ट के मुताबिक अमर उजाला के पाठकों की संख्या तीन करोड़ से अधिक हो गई है. यानि, अमर उजाला सिर्फ अपने पाठकों को ही अक्लमंद और दूरदर्शी मानता है.

चलिए, इस विज्ञापन से अमर उजाला के पाठक तो खुश होंगे लेकिन दूसरे अखबारों के पाठक अमर उजाला से चिढ़ेंगे कि अमर उजाला न पढ़ने के कारण उन्हें अक्लमंद और दूरदर्शी न मानना कहां का न्याय है. वैसे, विज्ञापनों की दुनिया में माना जाता है कि जिस विज्ञापन पर विवाद नहीं हुआ समझो वो विज्ञापन फ्लाप. इस एंगल से देखा जाए तो अमर उजाला का 'अक्लमंद और दूरदर्शी' वाला विज्ञापन काफी अक्लमंदी और दूरदर्शिता से भरा हुआ है. ये रहा अमर उजाला का विज्ञापन….


Related News — irs 2012 q2

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...