साध्वी चिदर्पिता गौतम ने अमर उजाला के माध्यम से उनकी और उनके परिवार की छवि लगातार धूमिल करने का आरोप लगाते हुए शाहजहांपुर के ब्यूरो चीफ अरुण पाराशरी व बरेली संस्करण के संपादक प्रभात कुमार सिंह के विरुद्ध न्यायालय मुख्य दंडाधिकारी, बदायूं के समक्ष गुरुवार को वाद दायर कर उपरोक्त दोनों लोगों को दंडित करने का आग्रह किया है, जिसे सुनवाई के लिए मुख्य दंडाधिकारी पवन प्रताप सिंह ने स्वीकृत करते हुए सहायक दंडाधिकारी श्रीमती एकता कुशवाह के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। उन्होंने बयान देने के लिए 13 जनवरी का दिन निश्चित किया है।
सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि बलात्कार की पीडि़त महिला का नाम व फोटो नहीं छापें, जिसका पालन करते हुए देश के अधिकांश चैनल्स नाम व चेहरा छुपा कर खबर दिखा रहे थे, पर अमर उजाला ने साध्वी चिदर्पिता गौतम के पुराने फोटो ही नहीं छापे, बल्कि एक खबर में विभिन्न मुद्राओं के फोटो नाम व पते के साथ स्पष्ट प्रकाशित किये, जिससे साध्वी चिदर्पिता गौतम का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है, क्योंकि अधिकांश लोग उन्हें चेहरे से पहचानने लगे हैं, जिससे वह जहां भी जाती हैं, वहां भीड़ जमा हो जाती है। साध्वी चिदर्पिता गौतम ने बताया कि उन्हें अमर उजाला से कोई आपत्ति नहीं है। अमर उजाला का दुरुपयोग करने वाले अरुण पाराशरी व शिकायत के बाद अंकुश न लगाने वाले संपादक प्रभात कुमार सिंह से शिकायत है, इसलिए उनके विरुद्ध ही वाद दायर किया है।






