अमर उजाला मुरादाबाद संस्करण से खबर है कि यहां के संपादकीय कप्तान नीरज कांत राही ने एक फरमान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि सभी पत्रकारों को युवान बेचने की जिम्मेदारी उठानी है. यही नहीं, इस काम को वे कितनी ईमानदारी से कर रहे हैं, उन्हें इसका सुबूत भी देना होगा. इसके लिए उन्हें उन सभी स्कूलों व कॉलेजों का फोटो करने को कहा गया है, जहां वे युवान बेचने गए थे और कितनी प्रतियां बेची.
इस आदेश पर पत्रकारों में रोष है और कहा जा रहा है कि ऐसे तो सभी पत्रकारों को हॉकर बना दिया गया. इस नए फरमान से मुरादाबाद संस्करण के बुजुर्ग पत्रकारों की नींद उड़ गई है. बुजुर्ग पत्रकार अपनी नौकरी बचाने के लिए अपने रिश्तेदारों से 'युवान' खरीदने की मिन्नत कर रहे हैं तो कुछ ने बेटे-बेटियां को ही अपना सेल्स प्रतिनिधि बनाकर मार्केट में उतारने का मन बना लिया है. आखिर पापी पेट का सवाल जो है.
भड़ास4मीडिया तक सूचनाएं [email protected] के जरिए पहुंचा सकते हैं.






