पारदर्शिता और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए विख्यात अमर उजाला के वाराणसी एडिशन में स्थानीय संपादक अजित वडनेरकर ने तीन लोगों का प्रमोशन किया। दो लोग वरिष्ठ उप संपादक बनाए गए और एक जूनियर को सब एडीटर बनाया गया। 2010 में उप संपादक के रूप में ज्वाइन करने वाले अनुपम निशांत को ढाई साल में ही फायदा मिल गया।
लंबे समय से उप संपादक के रूप में काम कर रहे कई लोगों को दरकिनार कर संपादक ने इन्हें प्रमोट कर दिया। बात-बात पर सहयोगियों पर चिल्लाने वाले संपादक के इस निर्णय से कुछ साथियों में आक्रोश है। वहीं बेटियों को बचाने के लिए अभियान चलाने वाले अमर उजाला की वाराणसी यूनिट में ही बेटियों को उपेक्षित किया जा रहा है। यहां कार्यरत दो महिला पत्रकारों को प्रमोशन नहीं दिया गया जबकि एक समकक्ष पुरुष पत्रकार को प्रमोशन दे दिया गया। इसको लेकर भी पत्रकारों में आक्रोश है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






