Vikas Mishra : हमारे प्रिय अमिताभ सर..। जिसका कभी भी टीवी टुडे ग्रुप से भले ही कुछ ही पलों का नाता रहा हो, अमिताभ जी उसके लिए अविस्मरणीय होंगे। हमेशा चुस्त दुरुस्त। चलते फिरते ज्ञानकोष। गूगल सर्च करने की जरूरत नहीं, बस अमिताभ जी से पूछ लीजिए। राजनीति, समाज, फिल्म, गीत-संगीत, साहित्य सभी विधाओं पर जबरदस्त पकड़। 1995 में जब आईआईएमसी से राष्ट्रीय सहारा नोएडा में इंटर्नशिप करने गया था तो वहां वो जनरल डेस्क के इंचार्ज थे। सबसे कम उम्र के चीफ सब एडिटर।
रोज उन्हें देखता, सोचता कि ऐसा ही एक दिन मैं भी बनूंगा। नमस्कार करते-करते, बोलते बतियाते, झीना सा रिश्ता वहीं बना लिया। जब अमिताभ जी आजतक में पहुंचे तो वहां जाकर मिलता रहा। कई और साथी पहले से ही थे। बैठकी जम ही जाती थी। जब विचार मीमांसा पत्रिका के यूपी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी लेकर दिल्ली से लखनऊ रवाना हुआ तो अमिताभ जी ने कम से कम दर्जन भऱ संपर्क दिए, जो बहुत काम आए। फिर किस्मत ने पलटी खाई और हमें एक ही बिल्डिंग में काम करने का सौभाग्य मिला। उनकी चुस्ती फुर्ती, उनका अपीरियंस, उनके चेहरे पर चमकती आभा और मिलते ही उनके चिरपरिचित अंदाज वाला सवाल-क्या गुरु, क्या हाल है। ये सब देखना, महसूस करना आदतों में शुमार हो गया।
अमिताभ जी ने टीवी टुडे ग्रुप से विदा ले ली है। आजतक की शुरुआत के साथ ही वो इस ग्रुप से जुड़े थे। पहले तेज और फिर दिल्ली आजतक के हेड रहे। कल उनका विदाई संदेश मेल पर आया, मन थोड़ा भारी हुआ। हमें हमेशा उनसे बड़े भाई का स्नेह और अच्छी दोस्ती की खुशबू मिली है। मैं उनकी अगली मंजिल के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं, इस वादे के साथ न तो भूलूंगा और न ही भूलने दूंगा।
आजतक न्यूज चैनल में कार्यरत विकास मिश्रा के फेसबुक वॉल से.






