Vineet Kumar : आज चुनाव आयोग ने अमित शाह के किसी भी तरह की रैली, प्रदर्शन और सार्वजनिक रूप से शामिल होने पर रोक लगाया और इधर दागदार संपादक की करतूत देखिये कि इसी अमित शाह का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू प्रसारित कर रहा है. वही सारे सवाल पूछे जा रहे है जिससे अमित साह को सफाई देने का भरपूर मौका मिले.
अमित शाह का कहना है की बीजेपी शुरू से कम खर्चे में चुनाव लड़ने की रही है. NBA, BEA जैसी संस्थाएं क्या कर लेगी जी न्यूज़ और सुधीर चौधरी जैसे सेटर और बेशर्म संपादक का.. इससे घिनौना मीडिया में कुछ नहीं हो सकता.. अमित शाह जिस अंदाज़ में सुधीर चौधरी से बात कर रहे है, आपको एक ही नज़र में अंदाज़ा लग जायेगा कि सब पहले से मैनेज्ड है जिसका भाव ये है कि जब तुम्हारा मालिक सुभाष चंद्रा मोदी और मेरे आगे जूते चटका रहा है तो तुम्हारी क्या औकात है बे?

(मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार के फेसबुक वॉल से.)
Aflatoon Afloo : आजम खान और अमित शाह के रोड शो और सभाओं पर रोक। आयोग खुद को संतुलित दिखाना चाहती है ! आजम खान के फौज वाले बयान में क्या आपत्तिजनक है? मेरा आधा सलाम। जब हमारी फौज में मराठा, सिख, महार,गोरखा आदि रेजिमेंट हैं और इन समुदायों की बहादुरी की गाथा गाई जाती है। मुसलमान फौजियों की बहादुरी लिए गौरव की बात कहना सांप्रदायिक कैसे हो गया? यह तो वैसे ही हो गया – देश के खिलाफ जासूसी करने वालों का धर्म देख कर हम पूरी कौम को गद्दार कहेंगे तो वह जैसे गलत होगा। मुलायम का बलात्कारियों के पक्ष में बयान देने का आधार जरूर गलत है। केशव पान की दुकान पर एक मुलायम समर्थक पुलिस वाला कह रहा था, 'गाय के बांधल जाला, सांड़ के थोड़ो बांधल जाला?' स्त्री विरोधी रुख पार आयोग भी चुप रहेगी।
(बनारस के नेता, स्तंभकार, विश्लेषक, एक्टिविस्ट और पत्रकार अफलातून अफलू के फेसबुक वॉल से.)






