Sachin Kumar Jain : आप के नाम एक पाती…. जैसा हमारे समाज में होता है; एक ठीक-ठाक इंसान मिलता है, तो उस एक इंसान को मूर्ति बना कर सिंहासन पर बिठा दिया जाता है. उसकी पूजन की जायेगी. उसका इतना प्रक्षाल किया जाएगा कि वह अपने होने का मकसद ही भूल जाएगा; दूसरा खेल होता है जब सलाहकार, समीक्षक और कुछ करीबी लोग व्यक्ति को संस्था से बड़ा बनाने में जुट जाते हैं. ऐसा होते ही "आप" की दशा और दिशा बदला जायेगी.
अरविन्द केजरीवाल जरा संभल के चलना! मूर्ति मत बनना; तुम्हारे होने का सबब मिट जाएगा. जरा अपने आस-पास भी नज़र डालना; आप अब न तो निकट दृष्टिदोष झेल पाएंगे और न ही दूर दृष्टिदोष; जरा नज़रें जांचते रहना; बाकी सब ठीक ही होगा.
पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट सचिन कुमार जैन के फेसबुक वॉल से.






