बीबीसी में उर्दू के नुक़्तों का भरपूर इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे नुक़्ते जहां नहीं लगने चाहिए, वहां भी लगाए जा रहे हैं। फिलहाल बीबीसी के होमपेज की सबसे प्रमुख खबर में नुक़्ते के अराजक इस्तेमाल की बानगी देखिए।
प्रिंटशॉट में आप स्पष्ट देख सकते हैं कि हेडलाइन में ज़हर में नुक़्ते को लगाया है लेकिन नीचे रिलेटेड लिंक्स में बिना नुक़्ते का 'जहर' लिखा दिख रहा है। बीबीसी के होमपेज पर ध्यान से देखेंगे तो नुक़्ता लगाने का यह दीवानापन आपको अन्य सेक्शंस में भी दिख जाएंगे।
सवाल यह है कि उर्दू नुक़्ते का भरपूर इस्तेमाल कर बीबीसी अगर भाषा को शुद्ध रूप से लिखना चाहता है तो यह नेक बात है, लेकिन इस तरह के अराजक इस्तेमाल से तो लोग कंफ्यूज हो जाएंगे कि आखिर कहां नुक़्ता लगाएं, कहां नहीं? आशा है बीबीसी इस पर ध्यान देगी।

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.






