नमस्कार यशवंत जी, अलीगढ से प्रवीन कुमार एक पत्रकार का आपराधिक इतिहास बता रहे हैं. आपके यहां खबर छपी है. इसके पीछे इनका फ्रस्ट्रेशन नवागत 'के. न्यूज़' चैनल से नहीं जुड़ पाना है. प्रवीन एड़ी चोटी का जोर लगा चुके हैं. लेकिन सेलेक्शन अर्जुन देव का हो गया. इससे आहत प्रवीन कुमार ने अर्जुन देव को बदनाम करने का अभियान छेड़ रखा है. प्रवीन श्रीन्यूज़ व जीन्यूज़ से जुड़े हैं. अर्जुन को फेसबुक के जरिये भी बदनाम किया.
पहले प्रवीण कुमार मेरे साथ जुड़े थे. इनकी कई शिकायतें थीं. लेकिन उस पर मैं पर्दा डाले रहा. अर्जुन को छह महीने से जानता हूं. अर्जुन को 'के. न्यूज' में लाए जाने से प्रवीन और चिढ़ गए. 'के. न्यूज़' नहीं मिलने से प्रवीन की हालत खिसयानी बिल्ली खम्भा नोचे जैसी हो गई.
बात अर्जुन देव के मुक़दमे की तो ये उनका पर्सनल मामला है. जहा तक मैं जानता हूं, दुबे के पड़ाव पर अर्जुन देव के पडोसी मोहन अग्रवाल से पुराना झगड़ा चल रहा है. मोहन अपने काले कोट के जरिये १५६ /३ के तहत कोर्ट के माध्यम से कई मुक़दमे लगाये हैं. सब मामले कोर्ट में चल रहे हैं.
अर्जुन देव के ८ साल के बच्चे को भी अपराधी बना दिया. प्रवीन का इरादा भ्रामक खबर फैलाकर स्वार्थ सिद्ध करने का है. प्रवीन अपने गिरेबां में झांके. फिर दूसरों की तरफ ऊंगली उठाये. भड़ास ४ मीडिया पत्रकारों के उच्च स्तर की खबरों को बढ़ावा देने वाला पोर्टल है. यशवंत सर से अनुरोध है कि इस तरह की खबरों को जगह न दिया जाए. धन्यवाद.
आलोक सिंह
अलीगढ़
मूल खबर-
अलीगढ़ में 'के. न्यूज' संवाददाता का आपराधिक इतिहास बता रहे हैं पत्रकार प्रवीण कुमार






