Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

अश्‍लील विज्ञापन दिखाने वाले चैनलों सरकार कसेगी शिकंजा

नई दिल्ली। महिलाओं को केंद्रित कर उन्हें उपभोग की वस्तु की रूप में दिखाए जाने वाले विज्ञापनों और उन्हें प्रसारित करने वाले टीवी चैनलों पर गाज गिर सकती है। सरकार अश्लील विज्ञापनों पर रोक लगाने के उपायों पर विभिन्न दलों की राय एवं सहमति लेने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। लोकसभा में मंगलवार को हर ओर से ऐसे विज्ञापनों के खिलाफ आवाज उठी। इस पर सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने स्पष्ट किया कि अवहेलना करने वाले चैनल नेटवर्क से बाहर होंगे।

नई दिल्ली। महिलाओं को केंद्रित कर उन्हें उपभोग की वस्तु की रूप में दिखाए जाने वाले विज्ञापनों और उन्हें प्रसारित करने वाले टीवी चैनलों पर गाज गिर सकती है। सरकार अश्लील विज्ञापनों पर रोक लगाने के उपायों पर विभिन्न दलों की राय एवं सहमति लेने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। लोकसभा में मंगलवार को हर ओर से ऐसे विज्ञापनों के खिलाफ आवाज उठी। इस पर सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने स्पष्ट किया कि अवहेलना करने वाले चैनल नेटवर्क से बाहर होंगे।

केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने आज लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान यह जानकारी देते हुये कहा कि अश्लील विज्ञापनों एवं मीडिया से प्रकाशित, प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक सामग्रियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक मंत्री समूह का गठन किया गया है। जब यह मंत्री समूह एजेंडा तय कर लेगा इस मामले को लेकर बैठक बुलाई जाएगी। एक सवाल के जवाब में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज समेत कई सदस्यों ने ऐसे विज्ञापनों पर आपत्ति जताई और सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।

सुषमा स्वराज ने सुझाव दिया कि सरकार अगर सर्वदलीय बैठक बुलाती है तो विपक्षी दल अश्लील विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए न केवल अपनी राय एवं सलाह देंगे बल्कि ऐसा करने के लिए सरकार को सहयोग भी करेंगे। अश्लील तथा महिलाओं को उपभोग की वस्तु के रूप में पेश करने वाले विज्ञापनों पर तत्काल रोक लगाने की विपक्ष की मांग के बीच श्रीमती सोनी ने कहा कि वैसे तो इसके लिए 15 कानून मौजूद हैं और उनका मंत्रालय इन कानूनों की मदद लेकर इन पर रोक लगाने के लिए प्रयास कर रहा है लेकिन इस बारे में कड़े कानून के अभाव में मंत्रालय ऐसा नहीं कर पाता इसलिए इस दिशा में सही निर्णय लेने के लिये संसद के सभी सदस्यों का सहयोग चाहिए।

अंबिका सोनी ने सरकार की ओर से उठाए गए कदम की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले एक साल में 105 नोटिस जारी किए गए थे। उनमें से 85 मामलों में विज्ञापनों में या तो सुधार कर लिए गए या उन्हें हटा लिया गया। जबकि, 15 मामलों में सरकार कोर्ट में केस लड़ रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया संवेदनशील मुद्दा है। लिहाजा उन्हें और शक्ति चाहिए। मंत्रिसमूह भी इस मुद्दे पर चर्चा कर रहा है। जल्द ही वह सभी दलों के नेताओं के साथ इस विषय पर चर्चा करेंगी।

उन्‍होंने यह भी कहा कि उनके मंत्रालय ने अश्लील विज्ञापन और आपत्तिजन सामग्रियों का प्रसारण करने वाले चैनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिये 2007 में ही एक प्रसारण सेवा नियमन विधेयक का प्रारूप बनाया था लेकिन संसद की मंजूरी नहीं मिलने के कारण अभी तक कोई कारगर कानून नहीं बन पाया है। इस प्रस्ताव में व्यवस्था की गई है कि जिस चैनल को आपत्तिजनक सामग्रियों या विज्ञापनों के प्रसारण के कारण मंत्रालय की ओर से पांच या तीन बार नोटिस मिले उस चैनल के लाइसेंस को नवीनीकृत करने के दौरान इस नोटिस का भी ख्याल रखा जाए लेकिन इस प्रस्ताव का संसद में भारी विरोध हुआ। उन्होंने कहा कि यह मसौदा मंत्रालय की वेबसाइट पर भी है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...