असम के बाद बिहार के पत्रकारों के लिए वेज बोर्ड लागू करने वाला दूसरा राज्य बनेगा. इस बात की घोषणा बिहार के श्रम मंत्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने आज पटना में आयोजित केंद्रीय पत्रकार यूनियन की एक दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए कही. इस अवसर पर राज्य के ग्रामीण कार्य मंत्री डाक्टर भीम सिंह, खाद्य आपूर्ति मंत्री श्याम रजक एवं पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे. पत्रकार नेताओं को संबोधित करते हुए ग्रामीण कार्य मंत्री भीम सिंह ने कहा कि मीडिया के लिए कोई कोड ऑफ़ कन्डक्ट होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मीडिया में बहुत सुधार की जरूरत है. उसी तरह गिरिराज सिंह ने भी कहा कि आज जब संसद अपनी ६०वीं वर्षगाँठ मना रहा है ठीक उसी समय मीडिया की समस्याओं को लेकर आईजेयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी भी बैठी हुई है. आज संसद में गिरावट की चर्चा हो रही है. और उसी वक्त मीडिया में भी गिरावट पर चर्चा की जा रही है. यह काफी मायने रखता है. श्री रजक ने मीडिया से जनता की अपेक्षाओं की चर्चा की.
बहस में भाग लेते हुए आईजेयू के नेताओं एसएन सिन्हा, डी. अमर और के श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि आज मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जो बात की जा रही है, उसमें मुख्य बात यह है कि आज मीडिया में ठेके पर बहलियाँ की जा रही हैं और ठेका पत्रकार अपने को हमेशा खतरे में पाता है, क्योंकि उसे लगता है कि जैसे ही वो पत्रकारिक नैतिकता की बात करेगा तो उसे बाहर का दरवाज़ा दिखा दिया जायेगा. ऐसी हालात में वो गलत को भी सही बताते हुए पत्रकारिता करने को मजबूर होता है. प्रेस की स्वतंत्रता के लिए वेज बोर्ड पत्रकारिता का होना एकमात्र शर्त है ताकि पत्रकार गलत को गलत और सही को सही कह सके. इस अवसर पर बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव अरुण कुमार ने अगत अतिथियों का स्वागत किया. इस मौके पर समिति को भेजे एक सन्देश में जदयू के बागी सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने कहा कि आज बिहार के समाचार पत्रों में एकतरफा ख़बरें छपती हैं. उनके पत्र को भी बैठक में पढ़ कर सुनाया गया.





