: अरुण कुमार का खुला पत्र : बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के सदस्य मित्रों मालूम हो कि २६-२८ नवम्बर को आयोजित आईजेयू के ७वें राष्ट्रीय प्लेनरी सत्र में यूनियन तोड़क गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर यूनियन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश प्रसाद अखौरी जी की आईजेयू की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी गई. यूनियन ने पहले ही श्री एस.एन.सिन्हा को अध्यक्ष और श्री डी. अमर को महासचिव चुन लिया था. इन पदाधिकारियों ने एक विशेष परिस्थिति में दिल्ली मे आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों के अनुरोध पर अपना पदभार संभाल भी लिया था.
प्लेनम में तमिलनाडु के श्री डी.एस.रवीन्द्र दास को फिर से उपाध्यक्ष निर्वाचित किया. नए राष्ट्रीय सचिव के रूप में असम के गीतार्थ पाठक, बिहार के अमर मोहन प्रसाद और आंध्र प्रदेश के टी.ए. माजिद चुने गए. पाठक पहले भी इस पद पर रह चुके हैं और बिहार के अमर मोहन प्रसाद भी पूर्व में एक बार आईजेयू की संयुक्त बिहार की ग्रीष्मकालीन राजधानी रांची में आयोजित स्थापना सम्मेल्लन में राष्ट्रीय सचिव चुने गए थे. आंध्र के टी.ए.माजिद पहली बार इस पद के लिए चुने गए हैं.
दिल्ली की सबीना इंदरजीत जो आईजेयू की ओर से आईऍफ़जे (इंटर नेशनल फेडरेशन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स) की कार्यकारिणी सदस्य हैं और अपनी ट्रेड यूनियन गतिविधियों की वजह से जिन्हें टाइम्स ऑफ़ इंडिया में दिल्ली स्थित विशेष संवाददाता की नौकरी गंवानी पड़ी आईजेयू की नई कोषाध्यक्ष चुनी गयी. मुझे (अरुण कुमार टाइम्स ऑफ़ इंडिया -बिहार को) फिर से राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली. विगत २००३ के चेन्नई प्लेनम से ही मैं इस हैसियत से आईजेयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहा हूँ. आंध्र प्रदेश के के. सत्यनारायण, ए.सुरेश कुमार, वी.बी.राजन (केरल), प्रेम नाथ भार्गव (दिल्ली), जयश्री भट्टाचार्य (स्टेट्समेन कोलकाता – बंगाल), बी.प्रदीप कुमार और आई.वी.सुब्बा राव राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नए सदस्य चुने गए.
बिहार के लिए गौरव की बात यह रही कि हमारी पहल पर ही आईजेयू के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उर्दू पत्रकारों और उर्दू पत्रकारिता के सवालों को देखने के लिए एक स्थाई समिति गठित कर दी जो उर्दू पत्रकारों के मसायल पर गौर फरमाएगी और उनके मुद्दों को उठाएगी. उसी तरह पत्रकारों की सुरक्षा के सवाल पर भी एक स्थाई समिति गठित की गई. यह समिति पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नज़र रखेगी. अभी कुछ पदों को खाली रखा गया है जिनको राष्ट्रीय कार्यकारिणी के द्वारा आगे भरा जायेगा. आईजेयू का राष्ट्रीय प्लेनम शानदार तरीके से संपन्न हुआ. एक नई ताकत के साथ नई शुरुआत का फैसला लिया गया. अब हम बिहार के साथियों से उम्मीद करते हैं कि वे नई जोश के साथ पत्रकारों की जान माल की सुरक्षा, उनका सामूहिक जीवन बीमा, बेघर पत्रकारों को रहने के लिए घर और पत्रकारों और उनके परिजनों को बेहतर और मुफ्त सुविधा सेवा दिलाने के संघर्षों की नई शुरुआत करेंगे ताकि पत्रकार बिरादरी को इन सवालों के लिए कोई सिद्धान्तहीन समझौता नहीं करना पड़े और वे निष्पक्ष पत्रकारिता की राह पर निसंकोच आगे बढ़ सकें.
हमारी आप सबों से यह अपील है कि नई लड़ाई के लिए अपने समुदाय को संगठित करें और यूनियन तोड़क तत्वों के खिलाफ एकजुट होकर उनका मुकाबला करें ताकि हम अपने हकों को हासिल कर सकें. हमारी सबसे बड़ी कमजोरी हमारे बीच एकता की कमी ही है. यदि हम अपनी चट्टानी एकता बनाये रख सके तो हमें अपनी मांगों को मूर्त रूप देने और दिलवाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती है. आपसे इसी आह्वान के साथ विदा लेता हूँ.
क्रांतिकारी अभिवादन के साथ
आपका साथी
अरुण कुमार
महासचिव, बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन
मोबा: ९४३०६१९५०८






