आदरणीय, यशवंतजी, मैं भड़ास का नियमित पाठक हूं. जागरण का बच्चा अखबार आई-नेक्स्ट विज्ञापन की जुगत लगाने के लिए और एड देने वाले क्लाइंट को ओबेलाइज करने के लिए जब वी मेट नाम का कॉलम पब्लिश करता है. कल 9 नवम्बर को आई-नेक्स्ट के बरेली एडिशन में एक व्यक्ति की लव स्टोरी प्रकाशित की गई. रिपोर्टर गुप्तेश्वर कुमार ने स्टोरी को और मसालेदार बनाने के लिए उसमें अपने मन से दोनों के नैनीताल की यात्रा का प्रसंग जोड़ दिया.
परन्तु ईमानदार क्लाइंट को बेइमान पेपर की ये पॉलिसी पसंद नहीं आई. और उसने आई नेक्स्ट प्रबंधन से इसकी शिकायत की. शिकायत के बाद प्रबंधन ने पेपर में भूल सुधार के नाम पर माफी मांगते हुए 10 नवम्बर को छोटी सी खबर प्रकाशित की. यह अखबार सच को बढ़ाचढ़ाकर लिखता है, इसीलिए अब तक लोगों का विश्वास नहीं जीत पाया है. नीचे आप लिंक पर क्लिक करके स्टोरी भी देख सकते हैं.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






