: कानाफूसी : चंडीगढ़। दैनिक भास्कर चंडीगढ़ में तनावपूर्ण माहौल के बीच एमडी सुधीर अग्रवाल, निदेशक पवन अग्रवाल बैठक लेकर चले गए, लेकिन स्थिति संभल नहीं रही है। अब नेशनल संपादक कल्पेश याज्ञनिक यहां पड़ाव डालने एक दो दिन में आ रहे हैं। इस दौरे में विशेष बात यह भी होने जा रही है कि वे एडिटोरियल टीम से मुलाकात करेंगे, ये आदेश प्रसारित हो चुके हैं। आज तक किसी नेशनल संपादक ने इस तरह से टीम से बातचीत नहीं की है।
दर्पण चौधरी के बाद कई लोग अखबार छोडऩे की लाइन में हैं। विशेष बात यह है कि यह सब उस व्यक्ति के कारण हो रहा है जिसे भास्कर ने निकालकर दोबारा उच्च पद पर रखा है। वैसे भास्कर में ऐसे कईं उदाहरण हैं जिनको बेइज्जत कर निकाला और वे दोबारा ऊंचे पद और अधिक वेतन में आ गए। चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा में ये उदाहरण मौजूद हैं। ये बताना इसलिए भी आवश्यक है कि ये ऊंचे पदों पर आकर सिर्फ पुरानी रंजिश निकालते हैं। ऐसा चंडीगढ़ में अधिक हो रहा है। एक तरफा बातें व अपने पुराने दुश्मन साथी के खिलाफ खुंदक निकालने के लिए झमठी कहानियो ऊपर तक पहुंचाने में माहिर हैं।
हाल ही में एक सामूहिक मिटिंग में जब छुट्टी नहीं देने की बात उठी तो एक साथी ने यहां तक कह दिया कि तनाव में देश का रक्षक भी अपने कमांडर को गोली मार देता है। ये इसलिए कहा गया कि नए साहब ने ये कहा था कि तुम सैनिक हो, छुट्टियां देना-नहीं देना मेरा काम है। वैसे में छुट्टियां देने की मेरी आदत नहीं है। विशेष बात यह भी है कि इस माहौल में सरकुलेशन तो गिर ही रहा है। साथ ही भास्कर के पुराने काम करने वाले लोग तनाव के कारण छोड़ छोड़ कर भाग रहे हैं, क्योंकि उनकी ऊपर सुनने वाला कोई नहीं है। ये बड़े साहब खुद को निदेशक के ससुराल वासियों का नजदीकी बताते हैं। लेकिन अखबार से वफा नहीं बेवफाई करने पर तुले हैं।