सरकारी विभागों द्वारा आमजन के उत्पीड़न की बात तो आये दिन होती रहती है लेकिन कोई विभाग कभी ये मानने को तैयार नहीं होता है। आज पहली बार आगरा के नगर आयुक्त ने एक प्रेस विज्ञप्ति (विज्ञापन) के माध्यम से ये बात स्वीकारी है कि नगम निगम 'उत्पीड़नात्मक कार्यवाही' करता है। विज्ञापन में साफ़ साफ़ लिखा गया है भवनस्वामी विज्ञप्ति के प्रकाशन के पश्चात अपने बकाया गृहकर का भुगतान कर दें, जिससे नगर निगम की 'उत्पीड़नात्मक कार्यवाही' से वे बच जाएँ।

ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि किसी सरकारी विभाग के अधिकारी ने लिखित रूप में जनता के 'उत्पीड़न' से सम्बंधित तथ्य को स्वीकारा है। प्रेस विज्ञप्ति किसने तैयार की, नगर आयुक्त को इसकी जानकारी है अथवा नहीं ये अलग बात है लेकिन विज्ञप्ति के अंत में नगर आयुक्त का पदनाम एवँ नाम दोनों ही लिखे हैं। नगरायुक्त की इस ईमानदारी को सलाम..!
शिवम् भारद्वाज
आगरा






