Avinash Das : यह इंटरव्यू के तुरत बाद का दृश्य है। ऑफ कैमरा अनौपचारिक वार्ता करते हुए अरविंद केजरीवाल और पुण्यप्रसून वाजपेयी माइक्रोफोन के तार अलग करते हुए खड़े होते हैं। अरविंद पूछ रहे हैं कि उन्होंने इस मुद्दे पर क्यों बोला और बाकी मुद्दों पर क्यों नहीं बोला। पुण्य कहते हैं कि ये वाला हिस्सा हम डालेंगे, वह ज्यादा क्रांतिकारी है। वगैरा-वगैरा। क्योंकि तब तक माइक्रोफोन कनेक्ट था और कैमरा भी रोलिंग मोड में था, फुटेज आजतक के एडिट रूम तक पहुंच गया।
वहां से वह मोदी की तकनीकी सेना के पास पहुंचाया गया और फिर सिपाहियों की वॉल पर इस वीडियो की आवाजाही शुरू हो गयी। मुझे यह देख कर मजा आ रहा है कि गुजरात दौरे से लौटने के बाद जिस तरह से केजरीवाल ने मोदी की कलई खोली, उससे बौखलाये मोदी भक्तों को यह वीडियो राहत के रूहअफ्जा की तरह मिल गया।
पत्रकार, ब्लागर और फिल्मकार अविनाश दास के फेसबुक वॉल से.
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