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आजाद न्यूज भी अंधेरे की ओर, चैनल दिखना बंद

एक तरफ नए नए न्यूज चैनल खुल रहे हैं तो दूसरी ओर पुराने चैनल बंद होते जा रहे हैं. हमार टीवी, फोकस टीवी, एस1 न्यूज, एनई बांग्ला, हाई-फाई, एनई टीवी, एचवाई टीवी समेत कई अन्य चैनलों की बंदी के बाद अब इसमें ताजा नाम जुड़ गया है आजाद न्यूज का. आजाद न्यूज का प्रसारण पूरी तरह ठप है. इसके मालिक एमएस वालिया भी रीयल स्टेट वाले हैं. इन्होंने चैनल पर शुरू में ठीकठाक खर्च किया लेकिन बाद में उन्होंने चैनल से तुरत फुरत लाभ कमाने की कोशिश के चलते चैनल को धंधाघर में बदल दिया. खबरों व माइक आईडी आदि का खुलेआम सौदा होने लगा.

एक तरफ नए नए न्यूज चैनल खुल रहे हैं तो दूसरी ओर पुराने चैनल बंद होते जा रहे हैं. हमार टीवी, फोकस टीवी, एस1 न्यूज, एनई बांग्ला, हाई-फाई, एनई टीवी, एचवाई टीवी समेत कई अन्य चैनलों की बंदी के बाद अब इसमें ताजा नाम जुड़ गया है आजाद न्यूज का. आजाद न्यूज का प्रसारण पूरी तरह ठप है. इसके मालिक एमएस वालिया भी रीयल स्टेट वाले हैं. इन्होंने चैनल पर शुरू में ठीकठाक खर्च किया लेकिन बाद में उन्होंने चैनल से तुरत फुरत लाभ कमाने की कोशिश के चलते चैनल को धंधाघर में बदल दिया. खबरों व माइक आईडी आदि का खुलेआम सौदा होने लगा.

वालिया की बेटी तानिया वालिया को उन्होंने चैनल खिलौना मानकर सौंप दिया और तानिया ने भी इसे खिलौने से ज्यादा नहीं समझा. बड़े घरों के लोग मीडिया में सिर्फ पावर हासिल करने के लिए आते हैं और बाद में जब इन्हें लगता है कि घाटा बहुत ज्यादा हो रहा है तो यह चैनल कर्मियों पर लाभ में आने के लिए किसी भी प्रकार से पैसे लाने का दबाव बनाते हैं. इस कारण पेड न्यूज से लेकर ब्यूरो बेचने तक की घटनाएं होती हैं. आजाद न्यूज में यही सब हुआ. कई तरह के विवादों व आरोपों से घिरे रहे इस चैनल के बंद हो जाने से बहुतों ने राहत की सांस ली है. हालांकि चैनल के दर्जनों कर्मी बेरोजगार हो चुके हैं और इनकी हालत काफी खराब है क्योंकि इन्हें सेलरी नहीं दी जा रही है जिसके कारण इन्हें रहने व खाने का संकट झेलना पड़ रहा है. सूत्रों का कहना है कि आजाद न्यूज चैनल प्रबंधन ने ट्रांसमिशन की राशि नहीं चुकाई है इस कारण इसका प्रसारण रोक दिया गया. आजाद न्यूज चैनल की स्थापना वर्ष 2007 में की गई थी.

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