पणजी : वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की सारी आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए बीजेपी की गोवा बैठक में नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया है। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि मोदी से पार्टी को भारी उम्मीदें हैं और यह जो फैसला लिया गया है, वह सबकी सहमति से लिया गया है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि पार्टी में अब आडवाणी के दिन लद गए हैं।
राजनाथ जब यह ऐलान कर रहे थे, तब अनंत कुमार, वैंकेया नायडु और सुषमा स्वराज भी उनके साथ बैठे थे। आम तौर पर इन दूसरी पीढ़ी के नेताओं को आडवाणी का समर्थक माना जाता है। इसी के साथ यह भी माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी अगले आम चुनाव में पार्टी के पीएम पोस्ट के उम्मीदवार हो सकते हैं। मोदी को चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। जगह जगह ढोल नगाड़े बजाए जा रहे हैं। मिठाइयां बांटी जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने शनिवार को ही राज्य इकाइयों को निर्देश दे दिया था कि जैसे ही नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा हो राज्य कार्यालयों में जश्न का माहौल दिखाया जाए। इस मुद्दे को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी नरेंद्र मोदी को प्रचार समिति का संयोजक बनाने के लिए हामी भर चुके थे, लेकिन मोदी को इस समिति का अध्यक्ष बनाने पर आडवाणी राजी नहीं बताए जा रहे थे। आडवाणी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए गोवा बैठक में शामिल नहीं हुए थे, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आडवाणी गोवा में न होकर भी मोदी विरोधी खेमे की कमान संभाले हुए थे।
प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद चुनाव से संबंधित बीजेपी की बैठकों की अध्यक्षता नरेंद्र मोदी ही करेंगे, लेकिन अगर मोदी प्रचार समिति के संयोजक बनाए जाते तो चुनाव के लिए होने वाले बैठकों की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ही करते। इससे पहले, आज सुबह पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा था कि देश और भाजपा के कार्यकर्ताओं की इच्छा का सम्मान किया जाएगा।
नीतीश कुमार के नरेंद्र मोदी के प्रश्न पर परोक्ष हमला करते हुए हुसैन ने कहा कि हमें किसी से सेक्युलरिज्म का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। गोवा बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पारित होने के बाद मीडिया से मुखातिब शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जब हम चुनाव में ताकत साबित करेंगे, तभी सहयोगी हमारा साथ देंगे। नए सहयोगी भी साथ आएंगे। लालकृष्ण आडवाणी के न आने के कारण के प्रश्न के जवाब में एक बार फिर पार्टी ने आडवाणी की खराब सेहत का हवाला दिया।






