राष्ट्रीय सहारा, चंदौली जिले में अखबार में गलतियों के प्रकाशन का सिलसिला थम नहीं रहा है. आपसी तनातनी के बीच अखबार की साख भी गिर रही है. तीन दिन पहले इसी गुटबाजी के चलते मुगलसराय कार्यालय का पूरा समाचार रोक लिया गया. उसका प्रकाशन ही नहीं किया गया. केवल चंदौली कार्यालय की खबरें छापी गईं. पाठक उस दिन तमाम डेटलाइनों की एक भी खबर न देखकर परेशान हुए. बताया जा रहा है कि जिले के डीएम शंभूनाथ भी अपने नाम के आगे 'यादव' शब्द लगाने पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं.
अब इसे पत्रकारों की आधी अधूरी जानकारी कहा जाए या ओवर कान्फिडेंस.. कि खबर पढ़ने के बाद जिलाधिकारी खुद ही सकते में आ गए कि ये नाम उनका है या किसी और का ..दरअसल मामला राष्ट्रीय सहारा के वाराणसी संस्करण के चंदौली जिले के पेज पर छपी उन दो खबरों का है, जिनमें जिलाधिकारी का नाम ''शम्भूनाथ'' की जगह ''शम्भुनाथ यादव'' प्रकाशित कर दिया गया, जिसे पढ़ कर जिलाधिकारी खुद आश्चर्य चकित हैं कि उनके रहते ये दूसरा कौन आ गया!






