नई दिल्ली । दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकारों व उनके परिवार के सदस्यों को अब निजी अस्पतालों में भी ग्रुप ए अधिकारियों के समकक्ष उपचार की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा केवल जानलेवा स्थिति व आपात कालीन हालत में ही दी जाएगी। इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव पीआर एमएम कुट्टी ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। अधिसूचना जारी होने के बाद पत्रकारों के एक शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया है।
दिल्ली देश का पहला ऐसा राज्य है जहां पत्रकारों को इस तरह की सुविधा दी गई है। दिल्ली सरकार की ओर से पत्रकारों को दी जाने वाली इस सुविधा के बारे में जारी अधिसूचना के अनुसार सूचना एवं प्रसारण निदेशालय के अंतर्गत मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार किया है। अब वे सरकार के ग्रुप ए के अधिकारियों के समान सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें जीवन रक्षक उपचार और आपात स्थिति में सीधे दिल्ली सरकार के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में उपचार कराने की सुविधा देने का फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने पिछले वर्ष पत्रकारों के लिए वैलफेयर फंड बनाने तथा उन्हें ग्रुप ए अधिकारियों के समक्ष निजी अस्पतालों में भी उपचार सुविधा देने की घोषणा की थी। उन्हीं की इस घोषणा के अनुरूप सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा था। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद इस संबध में बुधवार को अधिसूचना जारी की गई।
अधिसूचना के अनुसार उपचार की यह सुविधा दिल्ली सरकार के पैनल में शामिल सभी निजी अस्पतालों में केवल उस स्थिति में मिलेगी जबकि रोगी के जीवन पर संकट हो, सिर पर गहरी चोट हों, शरीर के अंगो ने काम करना बंद कर दिया हो। इसके अलावा जब भी दिल्ली सरकार के सरकारी अस्पतालों में हड़ताल हो उस स्थिति में भी पत्रकारों व उनके परिवार के सदस्यों को निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिलेगी। साभार : राष्ट्रीय सहारा






