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दिल्ली

आम आदमी पार्टी मूलतः विचारहीन पार्टी है

Yashwant Singh : आम आदमी पार्टी मूलतः विचारहीन पार्टी है. विचार के नाम पर कोरी भावुकता है, कि हम सब(चोरों)को जेल भेज देंगे… टाइप की. कांग्रेस-भाजपा के करप्शन, दोगलापन और चिरकटुई से उबे हुए हम लोगों ने एक नई पार्टी और नए नेता पर जरूर दांव लगा दिया लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी समझ-बूझ कर रखिए. विचारहीनता अंततः कारपोरेट और बड़े लोगों के पक्ष में ही जाकर बैठती है.

Yashwant Singh : आम आदमी पार्टी मूलतः विचारहीन पार्टी है. विचार के नाम पर कोरी भावुकता है, कि हम सब(चोरों)को जेल भेज देंगे… टाइप की. कांग्रेस-भाजपा के करप्शन, दोगलापन और चिरकटुई से उबे हुए हम लोगों ने एक नई पार्टी और नए नेता पर जरूर दांव लगा दिया लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी समझ-बूझ कर रखिए. विचारहीनता अंततः कारपोरेट और बड़े लोगों के पक्ष में ही जाकर बैठती है.

आजकल का यूथ न संघी होना चाहता है और न ही कामरेड बनना चाहता है और न ही संघियों-कामरेडों की ट्रेडीशनल दुकानों, मठों, पंथों, संप्रदायों से जुड़ना चाहता है. वो सहजता और समझदारी चाहता है. पर राजनीति के अपने तरीके होते हैं. वहां सहजता और समझदारी अंततः हराममियों की साजिशों के मकड़जाल में बेमौत मर जाया करती हैं. इसलिए राजनीति की दुनिया की हरमजदगी में देर-सबेर सबको इसी नशे-लहर से थोड़ा-बहुत तर-बतर होना पड़ता है. केजरीवाल ने अपने लिए विचारधारा का एक फ्लेक्सबल झूला बना लिया है, जो संघियों से लेकर कम्युनिस्टों तक झूलता रहता है.

किसी एक केजरीवाल के ठीक होने, ईमानदार होने, विजनरी होने से सिस्टम नहीं बदलता, बस कुछ दिनों के लिए थरथरा कर भ्रष्टाचार के पुराने पलस्तर झाड़-गिरा सकता है लेकिन करप्शन तो कोई एक मोनोलिथक, एक जगह पर पड़ी हुई चीज नहीं जिसे पकड़ा और गंगा में डाल कर ये कहते हुए हाथ झाड़ लिया कि हमेशा के लिए काम खत्म. नई स्थितियों में नए किस्म के भ्रष्टाचारी पैदा होंगे. कांग्रेस-भाजपा के भ्रष्टाचारी बड़े भदेस और थेथर किस्म के हैं. आम आदमी पार्टी के शासन के भ्रष्टाचारी हमारे-आप जैसे प्रवचन देने वाले और सड़क छाप दिखने वाले होंगे. करप्शन नामक बीमारी नई दवाई के हिसाब से इम्युनिटी, रेजिस्टेंस डेवलप करने की क्षमता से लैस है, खासकर तब जब शासन करने वालों के पास सिर्फ नारे हों, भावुकता हो और ढेर सारी बातें हों.

ये सब जब लिख रहा हूं तो कइयों को लग सकता है कि आखिर यशवंत जी ने अपने सुर क्यों बदल दिए, चुनाव नतीजे आने के बाद , आम आदमी पार्टी की इतनी भव्य जीत के बाद… तो बंधु, इसका भी जवाब ले लीजिए. अपन काम होता है बेचारों को, संघर्षशीलों को, सड़कछाप वालों को, विपक्षियों को, विरोधियों को सपोर्ट करना और उन्हें सफलता दिलाना. सफलता दिलाकर अपन फिर तलाशने लगते हैं कोई सड़क छाप, कोई जेनुइन, कोई संघर्षरत. अब जब आम आदमी पार्टी ने अपने संक्षिप्त व तेज सियासी सफर में जबरदस्त मजबूती, नाम, मुकाम पा लिया है तो अपना काम है कि इस पार्टी का भी पोस्टमार्टम शुरू किया जाए ताकि अपन सब के पास इस पार्टी, इस मिशन, इस विजन को लेकर एक सेकेंड पर्सपेक्टिव, अल्टरनेट पर्सपेक्टिव भी रहे, जिससे कभी ये पार्टी राह से भटके तो हम सबों को सुसाइड न करना पड़े, पता रहे कि ऐसा होने की संभावना/आशंका इस पार्टी के नेचर में निहित थी…

यह सब लिखते हुए कहना चाहूंगा कि कांग्रेस-भाजपा की राजनीति और इसके बुड्ढे-भ्रष्ट नेता मुर्दाबादा… आम आदमी पार्टी और इसके नेता जिंदाबाद… अभी तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस भाजपा सपा बसपा सभी को सबक सिखाकर 'आप' को जिताना है जिससे राजनीति के ट्रेडीशनल हरामियों को हताश कर नए किस्म के शरीफ, हमउम्र व हमारे-आप जैसे घरों से निकले हरामियों को आगे बढ़ाया जाए…

है न मजेदार बात…
नहीं…
गंदी बात गंदी बात गंदी बात गंदी बात…
और
लुंगी डांस लुंगी डांस लुंगी डांस लुंगी डांस…

जय हो… 🙂

    Yashwant Singh वीरेंद्र यादव को भी जरूर पढ़ें.. बेहद विचारणीय सवाल उठाए हैं… http://bhadas4media.com/…/16417-2013-12-09-11-49-58.html 'आप' के मतदाता ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को क्यों नहीं जिताया?   

    Saira Qureshi Jai ho   

    Maheshkumar Pandey आप पार्टी की जीत पर मुस्लिमो को भरोसा नही था और वे आप पार्टी क वोट देना अपने वोट वेस्ट करना समझते थे
     
    Hareprakash Upadhyay गंदी बात गंदी बात गंदी बात गंदी बात…
     
    Dushyant Rai अच्छा है . .यशवंत ने भाग निकलने के लिए एक दरवाज़ा आज ही खोल लिया . . . राजनीति के खेल निराले मेरे भैया . . .अब अगर कांग्रेस आप को बिना शर्त समर्थन दे तब . . . क्या उसको नकारने पर आप पर पलायनवाद का आरोप नहीं लगेगा . . .?
     
    Pramod Kumar aaj ka warg to the point hona chahta hai, jisko aap represent karti hai ,ek nayi rajniti ki shuruaat hui hai, thoda bharosa abhi rakhe ismen aur support karen. jab yah lakchya se bhatakna shuru ho tab ja kar iski aalochna karen.
     
    Shailesh Tiwari badhiya hai. Padh kar maza aa gaya. JAi ho.
     
    Sunil Mishra jai ho fakkadi ki …
     
    Vinayak Vijeta kejriwal bhi ramvilash paswan ke padcinnhon par chal rahe hai..unki bhi isthti ramvilash paswan wali hi hai..jinka ye 2005 ke feb. me bihar me hue election me 29 seat jitne wali ljp ka ye aparocch nara tha ki ,HUM TO DUBENGE SANAM TUMKO BHI LE DUBENGE , aaj dekhiye ramvilash ki kya halat hai.
     
    राकेश कुमार सिंह लोगों को वही सरकार मिलती है जिसके वे पात्र होंते है." (राजनितिक विचारक Alexis Tocqueville ने कहा थाThe People get the government the deserve)
 
    Anil Pandey Correct
 
    Himanshu Pathak और ना ही आप की तरह सोच रखता है
   
    Javed Anis बहुत ही सटीक और संतुलित
    
    Santosh Singh "विचारहीनता अंततः कारपोरेट और बड़े लोगों के पक्ष में ही जाकर बैठती है. आजकल का यूथ न संघी होना चाहता है और न ही कामरेड बनना चाहता है और न ही संघियों-कामरेडों की ट्रेडीशनल दुकानों, मठों, पंथों, संप्रदायों से जुड़ना चाहता है. वो सहजता और समझदारी चाहता है. पर राजनीति के अपने तरीके होते हैं. वहां सहजता और समझदारी अंततः हराममियों की साजिशों के मकड़जाल में बेमौत मर जाया करती हैं"…बहुत खूब..सहमत!
     
    Aryan Ojha sahi hai, aap ke sath sath AAP ki bhi niyat saaf hai, lekin is saaf niyati ke sath awshyakta ek sambal aur wistrit drishtikod ki bhi hogi, ek bat to tay hai, koi bhi dal apne moolbhut agende ko nahi badal pata,, haan modified jaroor kar deta hai,,, dekhte hai – नाऊ भाई कै बार ।
     
    Jayesh Agarwal स्टेटस पढ़ कर एक शब्द आया दिमाग में…. "गिरगिट"
     
    Yashwant Singh जयेस अग्रवाल भाई. गिरगिट भी प्राणी है, और मैं भी. मुझे आपत्ति नहीं.
     
    Shailendra Mishra मेरे काव्य संग्रह चिंगारी से
    एक एक पग ही दुनिया मे इतिहास बदलते रहता है
 
     डा. शैलेन्द्र मिश्रा की क़लम से
    ———
    सदियों से देखा है हमने, मानव को लड़ते पग पग पर
    हर जीत अधूरी रहती है,हर त्याग अधूरा रहता है।
    ——
    इंसानों की इस दुनिया में , हर न्याय अधूरा रहता है,
    हर ख़ुशी अधूरी रहती है, संघर्ष अधूरा रहता है ।
    ——-
    कुछ सपने देखे गौतम ने, कुछ गाँधी ने, अंबेडकर ने,
    सपनों की इस दुनिया में हर स्वप्न अधूरा रहता है ।
    ———
    दुनिया को हिलते देखा इतिहास ने अपनी आँखों से,
    हर लेनिन का, हर जे पी का अरमान अधूरा रहता है ।
    ——–
    इंसाफ़ को ढूँढा हमने बहुत दुनिया के हर एक मज़हब मे ,
    धर्मों की इस दुनिया में हर धर्म अधूरा रहता है ।
    ——–
    पर दुनिया को बढ़ने के लिए ये आधी जीत ही काफ़ी है,
    इस आधी जीत के पहिये से इन्साँ तो बढ़ते रहता है ।
    ——-
    गर एक क़दम ही काफ़ी हो तो दुनिया फिर रूक जायेगी,
    इसी लिए इस दुनिया में हर कदम अधूरा रहता है
    ——
    पूरी जीत के चक्कर में मायुस न होना, बैठ न जाना
    एक एक पग ही दुनिया मे इतिहास बदलते रहता है ।
    
    Sanjay Rahamatkar 2 बार हिसार और 1 बार मथुरा से सांसद रहे चौधरी मनीराम बागङी अपने भाषणोँ मेँ कहते थे कि "किसानो तुम्हारे खेतोँ मेँ कैसी फसल हुई अबकी बार?" अच्छी नहीँ हुई ना! हो भी कैसे सकती है!!! जब दूध मेँ से घी निकाल लोगे तो क्या बचेगा?? बिना दम की छाछ/लस्सी बचेगी ना! उसी तरह जब सरकार पानी मेँ से बिजली निकाल लेती है तो पिछे क्या बचेगा??? इसीलिए फसल कम होती है!!" और जनता मनीराम बागङी को वोट दे देती थी।
 
    Vivek Rai अरे भाई गिरगिट नहीं कलम का साधुवाद … उ वासेपुर में एक गाना था न " कह के लेंगे , सबकी लेंगे "
 
    Sanjeev Mishra असल मित्र वही होता है जो अच्छाईयो के साथ साथ बुराई पर भी ध्यानाकर्षण कराये। वरना चापलूस होता है।
   
    Jitendra Choubey Jordar.. Bahut khoob
    
    Mukund Hari Shukla यशवंत जी, यदि आप सामान्यतः विचारहीन पार्टी बोलते तो शायद सहमति हो सकती थी लेकिन मूलतः विचारहीन पार्टी बोलियेगा तो सहमति संभव नहीं। फिर भी विरोध का अर्थ आपके विचारों का असम्मान न समझें।
     
    Alok Tripathi aate jate huye main ab pe nazar rakhta hun,naam yashwant bhai hai mera sabki khabar kakhta hun………
     
    Chandan Srivastava अपन काम होता है बेचारों को, संघर्षशीलों को, सड़कछाप वालों को, विपक्षियों को, विरोधियों को सपोर्ट करना और उन्हें सफलता दिलाना. सफलता दिलाकर अपन फिर तलाशने लगते हैं कोई सड़क छाप, कोई जेनुइन, कोई संघर्षरत. ये सिद्धांत तो आपका जानते हैं हम. रही बात "आप" की तो भईया जो परसेप्शन आप आज कर रहे हैं उसका अह्सास हम मे से बहुत लोगों को पहले से था. "आप" के पास राजनीति का कोई सकारात्मक सिद्धांत नही है सिवाय फलां बेईमान है- फलां गुंडा है. ये नकारात्मक राजनीति है. आने वाले समय मे "आप" को भी अहसास हो जाएगा.
 
    आशीष सागर दीक्षित दमदार दस्तक
 
    Mahendra Agrawal sahamat hai
   
    Anand Agnihotri सही फरमाया
    
    Sachin Sh आप बिल्कुल सही है यशवंत जी, सबसे बड़ा कारण ही यही की हम समस्या तो बताते है लकिन इलाज़ कोई नही बता पता. कोई इलाज़ हो बताओ आख़िर करे क्या, कहा जाए, मोदी की गोद मे जा कर सो जाए या राहुल के सिर पे जा कर नाचे.
 
    Shantanu Arya आज पहली बार मैंने आपकी पोस्ट ऊपर से नीचे तक पूरी पढ़ी…. आपके जहां मे छुपी असलियत इस तरह बाहर निकलेगी मुझे नहीं पता था फिर भी आप पत्रकार है ओर आपका काम हमेशा एसा ही होगा जिससे लगे की आपकी दिशा सही है… भले ही तरुण तेजपाल ने कितने ही रेप किए हो पर वो लिखता हमेशा बलात्कार के खिलाफ रहा है धाराए भी लोगो को समझता रहा है पर खुद पर जब लगी तब जाके अब खुद को समझ आने लगा है
 
    Pradeep Sharma लुंगी डांस नहीं साहब सबको झाड़ू डांस करबा दिया है दादा
 
    Amit Kumar Pandey ABP NEWS "AAP" ko rakhe aage.
   
    Mohd Tarique Anwar ye hui na baat…
    
    Pashyanti Shukla बहुत मुश्किल है डगर पनघट की यशवंत साहब..
     
    Anil Dixit Wahh… 100 aana sach
     
    Hemant Pillai ABCD padh li bahut achhchhi bat karli bahut ab karni tere naal gandi gandi baat
     
    Ashok Kamble bhaiji dhire chalna rajniti me jara sambhalna…….
     
    Jagdish Yadav kathni ke bad karni dekhna hai phir jhadu kisi ki bapauti nahi hai, fir se laga degi janta
     
    Vivek Dutt Mathuria '' पहले आप तो पहले आप ''
     
    Amit Kumar Pandey Suli Upar Sej Piya Ki……
     
    Trilochan Rakesh बहुत बढ़िया ।
    इफ़लास के मारे हुए बच्चे हैं,
    पहली वार…
    मेले में जा रहे हैं,
    खिलौनों से डर न जायँ !!
    
    Jai Prakash Tripathi सही विवेचन है
     
    Radheyshyam Singh vivechana to pahle bhi hui thi.
     
    Meetu Mee fish..!! hum log kahin bhi satisfy nhi ho sakte….khud mei hum mei dum nhi….koi dum lekar aa jaye…to usme bhi santushti nhi hai…..waise aapne woi likha hai jiske liye sab pehle se prepared hai aur jiski waja se "AAP" par utna bharosa na dikhaate hue…logo ne BJP ko bahumat dila diya… vote sharing ho gyi….sabko ye pata hai ki jung mei ye "khiladadi" abhi naya hai… Delhi abhi door hai…par kam se kam logo ne bhi kuch dum dikhaya…..mauka diya kraanti laaney ka….ab to okhli mei sar diya hai….moooslo se kya darna..?
     
    Akhilesh Akhil uttam kahani.
     
    Nevil Clarke Achanak yeh virodh ke swar kyon?
     
    Vasant Joshi Bilkul sahi likha hai Yashwantji.
 
    Harishankar Singh apke vichar ashtir kyun ho gye, AAP ko lekar… pahale advocacy ab ninda?

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

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