आर्यन टीवी, पटना से खबर है कि लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को बाहर कर दिया गया है. इसमें इनपुट, आउटपुट, कैमरा समेत कई सेक्शनों के लोग शामिल हैं. हालांकि इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं. पहली चर्चा है कि कास्ट कटिंग के नाम पर यह खेल खेला गया है तो दूसरी चर्चा है कि एक्जीक्यूटिव एडिटर अभिरंजन कुमार ने अपने विरोधी गुट को निपटाने के लिए यह छंटनी की लिस्ट तैयार करवाई है. तीसरी चर्चा है कि प्रबंधन जल्द ही चैनल बंद करने की तैयारी में है, इसके चलते इतनी बड़ी छंटनी की गई है.
प्रबंधन ने जिन लोगों को चैनल से बाहर का रास्ता दिखाया है उसमें आउटपुट से अमित वर्मा, नमिता, मोमिता, राधे, राजेश तिवारी, अभिनव कुमार एवं पंकज कुमार शामिल हैं. रिपोर्टिंग में मनोज ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था, उसे मंजूर कर लिया गया है. इसके अलावा अभिषेक कुमार एवं राजीव कुमार को कार्यमुक्त किया गया है. एक और रिपोर्टर संजय सिंह का भी नाम लिस्ट में था, परन्तु खबर है कि प्रबंधन ने अब उसे वापस ले लिया है.
इनके अलावा प्रोग्रामिंग हेड अफरोज आलम को भी बाहर का रास्ता दिखला दिया गया है. वीडियो एडिटिंग सेक्शन से वरुण, अशोक तथा विवेक ठाकुर की छंटनी की गई है. कैमरा सेक्शन से निशांत कुमार, राहुल कुमार एवं कुणाल को कार्यमुक्त कर दिया गया है. कुछ और लोग भी कार्यमुक्त किए गए हैं, पर उनके नाम पता नहीं चल पाए हैं. बताया जा रहा है कि आपसी राजनीति के चक्कर में ये खेल खेला गया है. संभावना है कि अगले कुछ दिनों में और लोग भी बाहर किए जाएं.
हालांकि पटना में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि मालिक अनिल सिंह के लिए यह चैनल सफेद हाथी साबित हो रहा है. जिस उद्देश्य से इसको खोला गया था, वह लाभ भी नहीं मिल पा रहा है. आए दिन कई तरह की छापेमारी मैनेजमेंट के कई ठिकानों पर हो चुकी है. सूत्रों का कहना है कि इसी का असर है कि सेलरी भी लेट लतीफ चल रही है. चैनल से आमदनी होने की बजाय नुकसान ही हो रहा है, जिसके चलते लोगों को छांटते-छांटते चैनल पर ताला लगाया जा सकता है.






