हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल का अस्तित्व खतरे में है. आलोक दुबे, जो भास्कर भोपाल से एचटी में बिजनेस हेड बन के आए हैं, जमकर चूना लगा रहे हैं. विज्ञापन एजेंसियों से मिलकर बढिया खेल खेल रहे हैं. उनकी खास एजेंसियां हैं माध्या और महक. मजे की बात है माध्या विज्ञापन एजेंसी को बिजनेस एसोसिएट बनाकर सरकारी विज्ञापनों का एचटी में एक जोरदार खेल शुरू किया है. एचटी की मार्केटिंग टीम के कर्मचारी सब जानते हुए भी चुप हैं.
एक मिस्टर रूकदाई साहब को लेकर आए हैं. उनसे एजुकेशन बुक निकलवाने के नाम पर कमिशन का खेल चल रहा है. एचटी दिल्ली में आलोक ने रुकदई साहब को ऐसे प्रोजेक्ट किया है कि वो डायरेक्ट मंत्रियों से रिलेशन रखते हैं. दिल्ली में बैठे एचटी के अधिकारी एक बार आकर रूकदई साहब को बस देखें, अपने आप समझ जायेंगे कि आलोक दुबे क्या गेम खेल रहे हैं. आज हालात ये ये है कि हर कर्मचारी जानते हुए भी चुपचाप तमाशा देख रखा है और दबी जुबान में बस बात कर रहा है कि भोपाल एचटी का हाल बेहाल है. आलोक दुबे या तो भास्कर के प्लांटेड आदमी हैं, जो एचटी का गेम बजाने आए हैं या फिर शार्ट गेम खेलकर एजेंसियों के साथ मिलकर एचटी को चूना लगाकर चलते बनेंगे. जो भी है एचटी का अस्तित्व खतरे में है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






