उत्तर प्रदेश में पूरी तरह जंगल राज आ चुका है. सपा सरकार अपने वोट बैंक की राजनीति के चलते सारा ध्यान हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण पर लगाए है और इसी हिसाब से चालें चली जा रही हैं जबकि आम जनता क्या, पत्रकार तक प्रदेश में सुरक्षित नहीं रह गए हैं. मुलायम और अखिलेश के गृह जिला इटावा में आज अखबार के पत्रकार राकेश शर्मा की गोली मार कर हत्या कर दी गई. उन्हें चार पांच गोलियां मारी गई. उनकी लाश सड़क पर मिली.
पुलिस प्रशासन के लोग कल लैपटाप वितरण समारोह में जुटे हुए हैं जिसमें शिवपाल शिरकत करेंगे, इसलिए पत्रकार की हत्या के मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. यही कारण है कि शव के पास पत्रकारों की भीड़ तो जुट गई है लेकिन पुलिस व प्रशासन के बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे हैं. इटावा से एक पत्रकार ने भड़ास को फोन पर बताया कि इस जिले में अब सच लिखना गुनाह हो गया है. राकेश शर्मा पिछले कई दशक से पत्रकारिता में थे और विशुद्ध पत्रकार थे.
घटना इटावा जिले के बकेवर इलाके में भर्थना रोड पर शाम करीब साढे सात बजे के आसपास हुई. दैनिक आज के संवाददाता राकेश शर्मा की मोटर साइकिल सवार अनजान हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी. इस हत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है. करीब 50 साल के राकेश शर्मा लंबे समय से पत्रकारिता से जुडे हुये थे. राकेश की हत्या के बाद इटावा के पत्रकारो में खासा रोष है.






