वोट पाने के लिए नेता तरह-तरह के जतन करने से बाज नहीं आते हैं, ऐसा ही हुआ इटावा में जहां बसपा के एक विधायक ने लोगों को एक होटल मे भोज दिया। जब मामला मीडिया और प्रसाशन के सामने आ गया तो जन्म दिन की पार्टी का नाम देने लगे। 2012 के चुनाव में सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी चुनाव आचार संहिता को ठेंगा दिखा करके अपनी मनमानी करते हुये लोगों को बसपा के पक्ष में मतदान करने के लिए भोज दे कर प्रभावित करने में जुटे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है इटावा में, जहां पर बसपा के एमएलए और प्रत्याशी महेंद्र सिंह राजपूत ने इटावा के चाणक्य होटल मे शहर के एक वर्ग विशेष के करीब दो हजार से अधिक लोगों को भोज देने के साथ-साथ वोट मांगने का काम भी किया।
आचार संहिता के कडे़ नियमों के बावजूद इटावा में बसपा के प्रत्याशी सत्ता के चलते अपनी गाड़ी पर बसपा का झंडा के साथ-साथ बसपा भी लिख करके चल रहे हैं। इटावा के होटल चाणक्य में महेंद्र सिंह राजपूत ने लोगों को अपने पक्ष में करने के लिये भोज दिया। भोज से पहले होटल के हाल मे बाकायदा माइक और डेक के जरिये लोगों को बसपा के पक्ष मे संबोधित किया। पूरे मामले की जानकारी मीडिया को होने के बाद जैसे ही मीडियाकर्मी होटल में कवरेज करने की कोशिश की तो, वो नजारा देखने को मिला जो किसी सभा से कम नहीं था।
जब मीडिया के कैमरों पर विधायक का कारनामा रिकार्ड हो गया तो विधायक मीडियाकर्मियों के सामने हाथ जोड़ते हुये सामने आये। मीडिया के लोगों की खबर के बाद जिला प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट विद्याशंकर सिंह की अगुवाई में पुलिस दस्ते को होटल में छापे मारी के लिये भेजा। छापेमारी के दौरान मीडिया के सामने विधायक अधिकारियों की मौजूदगी में होटल में मिले। सत्तारूढ़ दल के विधायक और प्रत्याशी होने के कारण पूरे मामले के सामने आने के बाद भी बचने की कोशिश करते हुये देखे गये। देर रात चुनाव आयोग के निर्देश पर मीडिया के लोगों से उस वीडियो को लेकर चुनाव आयोग को अवगत कराया गया है ताकि कार्रवाई के लिये अधिकारी तय कर सकें कि करना क्या है। महेंद्र सिंह राजपूत अब सफाई दे रहे हैं कि वो एक जन्म दिन कि पार्टी में हिस्सेदारी करने के लिए आये थे। पत्रकारों के मौके पर आ जाने से अपनी कलई खुलती देख बसपा विधायक ने हाथ जोड़ कर सभी से मदद की गुहार लगाई।









