Samar Anarya : बजिंदर सिंह — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया– 637 वोट– तिमारपुर
रोहतास — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 337वोट — नरेला
मुन्ना यादव — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 172वोट — वजीरपुर
रामरूप — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 203 वोट — कोंडली
विनोद कुमार — कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया(एम एल) — 146 — पटपड़गंज
…. इनमें से भाकपा माले (लिबरेशन) तो अन्ना हजारे के आन्दोलन में शरीक भी हुई थी. फिर यह नतीजे? यह पार्टीगत खांचों से ऊपर सोचने का समय है कि हम कहाँ चूक रहे हैं. यह विचारधारा के बतौर हाथ बाँधने का समय है साथी.
Samar Anarya : All the candidates of all communist parties put together have polled less votes than even a losing candidate of newly born AAP in Delhi. And these parties include CPI ML Liberation which has joined hands with Anna Hazare/Arvind Kejriwal led 'movement' against corruption.
Why? Ask the leadership.
Samar Anarya : सुना है कि तमाम कम्युनिस्ट पार्टियों के महासचिवों/पोलित ब्यूरो सदस्यों ने 'आप' को चुनाव जीतने की बधाई दी है. सुना तो ये भी है कि उनकी पार्टियों ने खुद भी चुनाव लड़ा था.
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारवादी अविनाश पांडेय 'समर' के फेसबुक वॉल से.






