: कानाफूसी : यूपी निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाली यूनिट को हिंदुस्तान मैनेजमेंट ने इनसेंटिव भेजा है. मुरादाबाद और बरेली यूनिट के लिए भी करीब अस्सी हजार रुपये आए. मुरादाबाद में पेजीनेटर से लेकर एनई तक में पैसे बांट दिए गए लेकिन बरेली के पैसे पर वरिष्ठों को लालच आ गया. जैसे ही इनसेंटिव से संबंधित मेल आया, पैसा हड़पने का खेल शुरू हो गया. नए संपादक को इस पैसे के असली हकदारों की लिस्ट भेजी गई. इसमें केवल चार नाम थे. एनई, दोनों डीएनई और पुराने संपादक का खास कापी एडिटर.
लोगों को पता चला तो विरोध शुरू हुआ. पहले तर्क ये दिया गया कि चुनाव डेस्क के लिए पैसा आया है. लेकिन यहां वरिष्ठों से एक गल्ती हो गई. निकाय चुनाव में कोई अलग से डेस्क बनी ही नहीं थी. अपना गला फंसता देख अपकंट्री हेड ने कह दिया कि पैसा मीडिया मार्केटिंग का है. अब सवाल ये है कि अगर पैसा मीडिया मार्केटिंग के लिए आया है तो योगेंद्र रावत, मयंक चतुर्वेदी, बृजेंद्र निर्मल और मनोज शर्मा का ही नाम क्यों भेजा गया. अब गेंद संपादक के पाले में है…
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