Manish Sisodia : आज अगर संतोष होती तो शायद बगल की सीट पर बैठी होती. सचिवालय में कदम रखते वक्त आज बहुत याद आई संतोष…. दो साल पहले मुझे और संतोष को इसी सचिवालय से बाहर निकलवा कर फिंकवाया था, पूर्व मुख्यमंत्री और उनके सचिव पी. के. त्रिपाठी ने….. मैं और संतोष राशन की जगह कैश दिए जाने की स्कीम पर चर्चा करने आये थे… विरोध करते ही भडक गई थीं मैडम…
पहले पुलिस बुलाकर मीटिंग से बाहर निकलवा दिया… और फिर सचिवालय से ही बाहर निकलवा दिया. इसके बाद दो साल तक यहां आना ही नहीं हुआ…. सचिवालय की बिल्डिंग आज भी वही है लेकिऩ, आज जनता ने उन मैडम को ही सचिवालय से बाहर निकाल दिया है…
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया के फेसबुक वॉल से.





