कहने को तो दैनिक जागरण नंबर वन अखबार है लेकिन ये कंजूसी और कर्मचारियों का खून पीने के मामले में भी नंबर वन है. कानपुर यूनिट में हर साल दिवाली पर कर्मचारियों को मिठाई का डिब्बा दिया जाता था. लेकिन इस बार तो मालिकों ने लड्डू भी देने से मना कर दिया. कायदे से दिवाली पर बोनस व गिफ्ट आदि देना चाहिए. लेकिन दैनिक जागरण में यह सब नहीं किया जाता.
जागरण के मालिकान लड्ड़ू वगैरह खिलाकर काम चला लेते थे. लेकिन अब तो वो लड्डू भी नहीं खिला रहे. कर्मचारियों का कहना है कि हम लोगों के मालिक लोग बहुत गरीब हो गए लगता है, यही कारण है कि वे दिवाली पर मिठाई के डब्बे तक देने से परहेज करने लगे हैं. ये अलग बात है कि दैनिक जागरण कानपुर के मालिक संदीप गुप्ता की बिटिया की शादी अगले महीने है, जिस पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाएंगे.
एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर उपरोक्त कहानी के तथ्यों में कोई कमी-बेसी नजर आए तो भड़ास को [email protected] पर मेल करके सूचित करें.






