Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

इस महिला आईपीएस ने मीडिया को ‘असंवैधानिक’, ‘नौटंकी’ और ‘दो कौड़ी का’ बताया… सुनें टेप

नाम है अनुराधा शंकर. आईपीएस हैं. इंदौर में आईजी के पद पर तैनात हैं. इनसे एक खबर पर वर्जन लेने के लिए दबंग दुनिया अखबार के चीफ क्राइम रिपोर्टर तेज कुमार सेन ने फोन किया तो मैडम इतनी तेज गुस्साईं कि जाने क्या क्या कह डाला. उन्होंने मीडिया को असंवैधानिक करार दिया. नौटंकी बताया. दो कौड़ी का कहा. और भी जाने क्या क्या कहा. धमकी, उलाहना, अपमान, बदजुबानी… जाने क्या क्या सहता सुनता रहा क्राइम रिपोर्टर लेकिन उसने अपने आपा नहीं खाया.

नाम है अनुराधा शंकर. आईपीएस हैं. इंदौर में आईजी के पद पर तैनात हैं. इनसे एक खबर पर वर्जन लेने के लिए दबंग दुनिया अखबार के चीफ क्राइम रिपोर्टर तेज कुमार सेन ने फोन किया तो मैडम इतनी तेज गुस्साईं कि जाने क्या क्या कह डाला. उन्होंने मीडिया को असंवैधानिक करार दिया. नौटंकी बताया. दो कौड़ी का कहा. और भी जाने क्या क्या कहा. धमकी, उलाहना, अपमान, बदजुबानी… जाने क्या क्या सहता सुनता रहा क्राइम रिपोर्टर लेकिन उसने अपने आपा नहीं खाया.

क्राइम रिपोर्टर ने सारी बात को फोन पर रिकार्ड करने के बाद मैडम की शिकायत प्रेस काउंसिल से कर डाली है. इस हिम्मत भरे काम के लिए भड़ास4मीडिया की तरफ से तेज कुमार सेन को बधाई. तेज ने जो पत्र प्रेस काउंसिल को भेजा है, उसे हूबहू प्रकाशित किया जा रहा है. इस पत्र में तेज और अनुराधा, दोनों के मोबाइल नंबर हैं. आप भी तेज को फोन करके इस साहस के लिए शाबासी दें और मैडम को फोन करके समझाएं कि मीडिया क्या है. दरअसल आईपीएस और आईएएस का पद मिल जाने के बाद ज्यादातर नौजवानों का दिमाग खराब हो जाता है और खुद को ये लोग खुदा या फिर खुदा के दूत समझने लगते हैं. इस कारण वे अपने आगे किसी को भी लायक नहीं मानते, सबको दो कौड़ी का या टुच्चा या असंवैधानिक मानते हैं. इन लोगों का वश चले तो ये हर आम जन को असंवैधानिक करार देकर देश निकाला दे दें.

मैडम जो कह गईं, बोल गईं, वो उनकी साफगोई है. ज्यादातर घाघ किस्म के अधिकारी तो सारी बात, सारी दुर्भावना मन में ही रखे रहते हैं और मौका मिलने पर मीडिया को रगड़ने, औकात दिखाने की कोशिश करने से नहीं चूकते. आईपीएस अनुराधा शंकर को बधाई दी जानी चाहिए कि उन्होंने अपनी बात, अपनी भड़ास निकाल ही दी. पर इतने बड़े पद पर बैठे शख्स से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती कि वह इतनी घटिया सोच मीडिया के प्रति रखे. लगता है कि मैडम ब्लड प्रेशर की मरीज हैं तभी तो उनका गुस्सा जो उभरा तो बढ़ता ही चला गया. भला हो रिपोर्टर का कि वो सामने नहीं था अन्यथा मैडम झापड़ वगैरह से उसे पीट सकती थीं अत्यधिक गुस्से के कारण, या पुलिसवालों से कहकर पिटवा सकती थीं… कुछ भी करा सकती थीं. वाह रे मैडम का गुस्सा. अनुराधा को एक बार फिर से दुनिया भर में प्रेस के उदभव, विकास आदि के बारे में विस्तार से पढ़ लेना चाहिए और अगर पढ़ने का मौका न मिले तो प्रेस काउंसिल से अनुरोध है कि वे मैडम को कुछ महीने की छुट्टी पर भिजवाने की व्यवस्था कराए ताकि वे इत्मीनान से प्रेस के बारे में पढ़ जान सकें.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

पहले आडियो टेप, फिर प्रेस काउंसिल को भेजा गया शिकायती पत्र…

ये है रिपोर्टर और आईपीएस के बीच की बातचीत, आडियो प्लेयर के वाल्यूम को फुल कर लें…

और ये है प्रेस काउंसिल को रिपोर्टर की तरफ से भेजा गया शिकायती पत्र….


(सुनें)

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...