उज्जैन में शनिवार शाम 4 बजे हरिफाटक चौराहे पर दो गाड़ियों के बीच हुई टक्कर के बाद विवाद पैदा होने और विवाद के दौरान गाड़ियों में आग लगाने की सूचना मिलने पर खबर को कवर करने पहुंचे इलेक्ट्रानिक मीडिया के कैमरामैन ओर फोटोग्राफरों की खुद की जान आफत में पड़ गई. उग्रता फैला रहे और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगा रहे एक पक्ष के लोगों ने फोटो खींच रहे मीडियाकर्मियों को पर हमला बोल दिया. कैमरामैनों के कैमरे छीन कर तोड दिए और तीन कैमरामैनों के साथ जमकर मारपीट की.
घटना में हिन्दुस्तान टाइम्स के रिपोर्टर एवं फोटोग्राफर सुनील मगरिया पर धारदार हथियार से हमला किया गया. जी ग्रुप के सिटी न्यूज के कैमरामैन राहुल यादव और प्रभात किरण के फोटोग्राफर मनोज तिलक को भी घेर कर जम कर मारपीट की गई. मनोज तिलक हमलावरों के बीच से जान बचा कर भागे लेकिन उनका कैमरा छीन लिया गया. सुनील ओर राहुल घिर गए. सुनील का सिर फाड़ दिया गया. वहीं राहुल का हाथ तोड़ दिया गया. तीनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए. इन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल उज्जैन में भर्ती कराया गया.
स्थानीय प्रेस क्लब उज्जैन के अध्यक्ष और उज्जैन मीडिया के लोग एकत्रित होकर गंभीर रूप से घायल सुनील को 10 हजार और राहुल व मनोज को 5-5 हजार रुपये की नगद मदद दी. साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी वीडियो फुटेज के आधार पर करने की मांग की. इसको लेकर नीलगंगा थाने का घेराव भी किया. मीडियाकर्मियों के उपर हुए हमले की जानकारी लगते ही जिला पुलिस अधिक्षक अनुराग, जिला कलेक्टर बीएम शर्मा नीलगंगा थाने पहुंचे और दोषियों पर मामला दर्ज करने की बात कही. ये अधिकारी घायलों से मिलने जिला अस्पताल भी पहुंचे. कलेक्टर बीएम शर्मा ने रेडक्रास निधि से तीनों को 10-10 हजार रुपये की मदद की घोषणा की.






