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उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय शुरू करेगा मीडिया के दो नये पीजी पाठ्यक्रम

: बोर्ड आफ स्टडीज की बैठक में बनी सहमती, नये सत्र से कोर्स होंगे शुरू : हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग अगले सत्र से दो नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा। ये पाठ्यक्रम हैं, '''विज्ञापन एवं जनसंपर्क’’ व ''ब्राडकास्ट जर्नलिज्म एवं न्यू मीडिया’’। दोनों पाठ्यक्रम एक-एक साल के होंगे। प्रत्येक कोर्स दो सेमेस्टरों का होगा। आज विवि में हुई अध्ययन बोर्ड की बैठक में यह सहमति बनी। बैठक में इग्नू के स्कूल आफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया के निदेशक प्रो. सुभाष धूलिया, वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार एवं सूचना आयुक्त, उत्तराखंड प्रभात डबराल, पंजाब नेशनल बैंक के भूतपूर्व मुख्य प्रबंधक जनसंपर्क देवेन्द्र मेवाड़ी के साथ यूओयू के पत्रकारिता विभाग के प्रो. गोविंद सिंह, सहायक प्राध्यापक डा. सुबोध अग्निहोत्री व अकादमिक परामर्शदाता डा. राकेश रयाल शामिल हुए।

: बोर्ड आफ स्टडीज की बैठक में बनी सहमती, नये सत्र से कोर्स होंगे शुरू : हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग अगले सत्र से दो नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा। ये पाठ्यक्रम हैं, '''विज्ञापन एवं जनसंपर्क’’ व ''ब्राडकास्ट जर्नलिज्म एवं न्यू मीडिया’’। दोनों पाठ्यक्रम एक-एक साल के होंगे। प्रत्येक कोर्स दो सेमेस्टरों का होगा। आज विवि में हुई अध्ययन बोर्ड की बैठक में यह सहमति बनी। बैठक में इग्नू के स्कूल आफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया के निदेशक प्रो. सुभाष धूलिया, वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार एवं सूचना आयुक्त, उत्तराखंड प्रभात डबराल, पंजाब नेशनल बैंक के भूतपूर्व मुख्य प्रबंधक जनसंपर्क देवेन्द्र मेवाड़ी के साथ यूओयू के पत्रकारिता विभाग के प्रो. गोविंद सिंह, सहायक प्राध्यापक डा. सुबोध अग्निहोत्री व अकादमिक परामर्शदाता डा. राकेश रयाल शामिल हुए।

कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि नये कोर्स शुरू करने के पीछे विवि की मंशा छात्रों में मीडिया की समझ विकसित करना तो रहेगा ही, साथ में मीडिया की नई टेक्नोलाजी, उसकी क्षमता व उपयोग के तरीके, मीडिया चुनौतियों, प्रिंट, टीवी, रेडियों में पटकथा लेखन की भिन्नता समझाने का भी मकसद है। उन्होंने बतया कि विवि इन कोर्सिस में शिक्षर्थियों के कैरियर निर्माण हेतु इटर्नशिप दिलाने पर भी विचार कर रहा है।

प्रो. गोविंद सिंह ने बताया कि इन कोर्सों को शुरू करने के पीछे मुख्य मकसद यही रहा है कि युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं खुलें। आने वाले दिनों में स्थानीय टेलीविजन, एफएम, रेडियो और वेब जर्नलिज्म का अभूतपूर्व विस्तार होने वाला है। जहां नये पेशेवरों की जरूरत होगी। साथ ही विज्ञापन और जनसंपर्क के क्षेत्र में भी जबरदस्त विकास हो रहा है। यहां भी नए पेशेवर चाहिए। आशा है कि मुक्त विवि के इन प्रयासों से युवाओं को कुछ लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान सत्र में चलाये जा रहे स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम मास्टर आफ आर्ट इन मास कम्यूनिकेशन (एमएएमसी) का नाम बदलकर नये सत्र से मास्टर आफ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन (एमजेएमसी) किया जायेगा। साथ ही बाहरवीं पास शिक्षार्थियों के लिए चल रहे सर्टिफिकेट कोर्स को भी अब सर्टिफिकेट कोर्स इन मास मीडिया किया जाएगा। इस कोर्स के जरिए मास मीडिया की विभिन्न विधाओं का परिचय प्राप्त किया जा सकेगा। बैठक में पाठ्यसामग्री निर्माण की रणनीति और प्रक्रिया पर भी विचार किया गया। प्रेस रिलीज

 

 
 

 
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