Dr. Kumar Vishwas : मेरे बारे में कुछ लोगों को मुझ से ज्यादा खबरें होतीं हैं… ज्यादातर ऐसी जो खुद मुझ भी नहीं होतीं… उसमें उन दोस्तों का योगदान बहुत है जिन को आजकल अपनी दूकान पर ताला लग जाने का डर हर खुलासे से पहले सताता रहता है… एक तथाकथित बड़े पत्रकार जो एक बड़ी पार्टी की दलाली में बहुत दिन से लगे हैं उन्होंने कुछ पुराने वीडियो सन्दर्भ से काट कर एडिट करा कर लगाये हैं नेट पर !
इस उम्मीद में कि कुछ हो न हो, कुछ लोग तो भ्रमित हों ही जायेंगे इन्हें देख कर ! पर मुझे ख़ुशी सिर्फ इस बात की है कि मैं शायद अकेला कवि हूँ जिसे ये लोग "बोलने" की बजाय "चुप" रहने के लिए धन-पद-पद्मश्री देने को तैयार है ! इस वीडियो से मेरे दोस्तों को शायद कुछ अच्छी सूचना मिले…देखिये और फैलाइए बात……जय हिन्द !
http://www.youtube.com/watch?v=JQvVeXHk42M
डा. कुमार विश्वास के फेसबुक वॉल से साभार.





